जनपद में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कभी ठंड तो कभी धूप और बादल संग शीतलहर का दौर जारी है। सुबह गलन भरी सर्दी और दोपहर में तेज धूप से निमोनिया और वायु प्रदूषण से नलिकाओं में सिकुड़न से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में रोजाना निमोनिया से पीड़ित 25 से 30 बच्चे इलाज कराने पहुंच रहे हैं।
गंभीर रूप से बीमार बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने के साथ ही सांस नलिकाओं में सिकुड़न आने पर नेबुलाइजर देना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग के डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि सुबह का तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और दोपहर में 25 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान होने से वायरल संक्रमण फैल रहा है।
समय से इलाज न मिलने से बच्चे परेशान हो रहे हैं। बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा जा रहा है। उन्हें दिन में तीन से चार बार नेबुलाइजर देना पड़ता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि मौसम में हो रहे बदलाव से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों और मधुमेह रोगियों को परेशानी हो रही है। बुजुर्गों में भी निमोनिया की समस्या आ रही है।
ऐसे करें बचाव
- सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज, मधुमेह और ह्रदय रोगी सुबह और रात में टहलने न जाएं।
- धूप निकलने पर ही टहलें।
- सांस रोगी मास्क का इस्तेमाल करें।
- गर्म कपड़े पहनें और सर्दी से बचाव करें और पौष्टिक आहार का सेवन करें।