अगर आपके पास वर्ष 2005 या उससे पुराने पांच सौ और एक हजार के नोट हैं तो उसे बैंक से बदलकर नया नोट प्राप्त कर लें, अन्यथा बाद में पछताना पडे़गा। भारतीय रिजर्व बैंक एक जनवरी 2015 से पांच सौ और एक हजार के पुराने नोटों के प्रचलन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।
दरअसल सन 2005 से पहले छपे बड़े नोटों पर सन नहीं मुद्रित है। रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि 1 जनवरी 2015 से 2005 से पहले के पुराने नोटों को स्वीकार नहीं करेगा। जिनके पास 2005 से पहले के नोट हों वे 1 अप्रैल के बाद उन्हें नजदीकी राष्ट्रीयकृत बैंकों में जमा कर बदले में अपनी रकम प्राप्त कर सकते हैं। बैंकों को भी निर्देश है कि वे इन नोटों को प्रचलन में नहीं लाएंगे बल्कि सीधे रिजर्व बैंक भेजेंगे। यहां तक कि 2005 से पहले के नोटों का एटीएम में प्रयोग और ग्राहकों को कैश देने पर भी प्रतिबंध है। रिजर्व बैंक की ओर से इन नोटों के बंद करने के लिए दी गई अवधि आने में अब मात्र एक सप्ताह का समय बाकी है। भारतीय रिजर्व बैंक का मानना है कि वर्ष 2005 के बाद छपे नोटों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस वजह से इनकी नकल करना आसान नहीं होगा। एक जनवरी 2015 के पहले नोट बदलने वालों को बैंक कर्मचारी ग्राहकों से आईडी और निवास प्रमाणपत्र भी नहीं लेंगे। जिले के लगभग सभी बैंकों में रुपये बदलने का कार्य तेजी से हो रहा है। मुख्यालय स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा प्रबंधक निधि श्रीवास्तव ने बताया कि पांच सौ और एक हजार के नोट बदले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि नोट बदलने के लिए कोई विशेष काउंटर नहीं खोला गया है। जमा और निकासी काउंटर से पुराने नोट बदले जा रहे हैं।