दहिलामऊ विद्युत उपकेन्द्र के बगल खुला विद्युत चोरी निरोधक एन्ड पावर थेफ्ट थाना।
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अव्यवस्थाओं के बीच ही बिजली विभाग के थाने का संचालन शुरू हो रहा है। थाने में न तो मेज, कुर्सी है और न ही माकूल उपकरण। जबकि थाना प्रभारी की भी तैनाती कर दी गई है। सिर्फ कागज पर थाने का संचालन हो रहा है। अभी भी बिजली चोरी संबंधी मुकदमे सबंधित थाने में ही दर्ज कराए जा रहे हैं।
जिले में बिजली चोरों की बड़ी फौज है। वे हर साल लाखों की चपत लगाते हैं। बिजली विभाग बिजली चोरों के खिलाफ अभियान चलाता है। इस दौरान बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। बिजली चोरी का मुकदमा संबंधित थाने में ही दर्ज करा दिया जाता है। बीते वर्ष विद्युत विभाग की ओर से विभाग का बिजली थाना खोलने की पहल शुरू की गई। ताकि बिजली से जुड़े मामले संबंधित थाने के बजाए विभाग के थाने में दर्ज हों।
इसके लिए दहिलामऊ के पीछे जमीन चिह्नित की गई। लंबी कवायद के बाद थाने का भवन सुनिश्चित हो गया। थाने के प्रभारी की नियुक्ति हो गई है। गेट लग गया, मगर अंदर कदम-कदम पर अव्यवस्था है। आलम यह है कि प्रभारी थानाध्यक्ष के पास बैठने तक की कुर्सी ढंग की नहीं है। न तो मेज है और न हीं माकूल रजिस्टर।
यहां तैनात प्रभारी थानाध्यक्ष इसे लेकर कई बार ठेकेदार व विभाग से शिकायत कर चुके हैं, मगर हालात जस के तस है। इस बारे में अधीक्षण अभियंता सत्यदेव सिंह से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।