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चेहरे खिले, गले मिले, बांटीं खुशियां

Tue, 27 Jun 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ - फोटो : pratapgarah
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 जनपद में सोमवार को एहतराम व अकीदत के साथ ईद की नमाज ईदगाह समेत मस्जिदों में अदा की गई। खुदा की बारगाह में लोगों ने हाथ फैलाकर दुआएं मांगीं। अपने गुनाहों से तौबा करते हुए कहा कि या अल्लाह हमारे गुनाहों को माफ कर दे। नमाज के बाद एक दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी।
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पाक रमजान के बाद सोमवार को खुदा की बारगाह में लोग ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। सुबह से ही बच्चे से लेकर बड़े तक नहा धोकर नए परिधान पहनकर तैयार हुए। इसके बाद लोग भुलियापुर स्थित ईदगाह, जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। शहर में सबसे पहले अबुल कलाम मस्जिद में पौने छह बजे नमाज हुई। इसके बाद शहर की दूसरी मस्जिदों में नमाज शुरू हुई। भुलियापुर स्थित ईदगाह भी नमाज अदा करने वालों से खचाखच भरा था। मौलाना रियाजुल हसन ने अपनी तकरीर में कुरान पाक का जिक्र करते हुए लोगों से कहा कि वेे नेकी की राह पर चलने के लिए अपने गुनाहों से तौबा करें। ताकि ईद की मौके पर लोगों को रोजा रखने का ईनाम मिल सके। खुदा की बारगाह में देश में अमन-चैन कायम रखने की दुआ मांगी गई। ईदगाह के बाहर  जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम, एडीएम सोमदत्त मौर्य, एएसपी राजकुमार अग्रवाल, एसडीएम सदर पंकज वर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष हरिप्रताप सिंह ने गले-मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। सबसे अंत में बुधई मस्जिद में ईद की नमाज अदा कराई गई। इस दौरान सुरक्षा के लिए भारी भरकम पुलिस फोर्स हर मस्जिदों के बाहर मुस्तैद रही।

ईद के पर्व पर खुशियां मनाने के लिए बच्चों को परिवार के लोगों के साथ ही रिश्तेदारों ने ईदी दी थी। ईदी की रकम बच्चों ने ईदगाह के बाहर लगे मेले व दुकानों पर खाने पीने व खिलौना खरीदने में खर्च कर दी। ईद की नमाज अदा कर घर पहुंचे लोगों ने अपने पड़ोसी व रिश्तेदारों के घर पहुंचकर ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद सेंवई समेत अन्य व्यंजनों का आनंद उठाया। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। दिन भर लोग मोबाइल, मैसेज के जरिए भी दूर से लोगों को ईद की मुबारकबाद देते रहे। फेसबुक और व्हाट्सएप पर ईद की मुकारकबाद देने की धूम रही। हिंदू हो या मुस्लिम, सभी एक दूसरे को दिली मुबारकबाद देते रहे। फिलहाल सोमवार की सुबह से प्रारंभ हुआ यह सिलसिला देरशाम रात तक चलता रहा।
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