बरसात के बाद जलभराव होने से डेंगू का लार्वा पनप रहा है। इससे मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। जिले में डेंगू के 29 तो मलेरिया पॉजिटिव 12 मरीज मिल चुके हैं। जबकि कई मरीज ऐसे हैं, जो डेंगू और मलेरिया संक्रमित होने के बाद निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश पांडेय ने बताया कि सहेरुआ निवासी राधा देवी, धरौली के सबरीन, दादूपुर मुफरिद की अन्न्या, साल्हीपुर के उत्कर्ष सिंह, रानीगंज शिवगढ़ निवासी सैय्यद अली, गोपापुर निवासी सूर्या लाल समेत 29 लोग डेंगू संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से स्वास्थ्य विभाग को चार मरीज खोजे नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जनपद में अबतक डेंगू संक्रमित 29 तो मलेरिया पॉजिटिव 12 मरीज मिले हैं।
डेंगू बुखार का लक्षण :-
- तेज बुखार,थकान, सिर या फिर आंखों के पीछे दर्द होना, त्वचा पर लाल चकत्ते या नाक, मसूड़ों से खून आना, कंपकंपी के साथ बुखार होना, पसीना आना, श्वांस लेने में कठिनाई होना।
बचाव :-
बीमारी के लक्षण पाए जाने पर तत्काल मेडिकल कॉलेज में जांच कराएं।
- डेंगू संक्रमित होने पर मच्छरदानी में रहें।
- तरल पदार्थों का सेवन करें।
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
- जल जमाव वाले स्थान पर जले मोबिल का छिड़काव करें।
- फुल कपड़े व मोजे पहनें।
डेंगू संक्रमित मरीजों के घरों पर दवा का छिड़काव कराया जा चुका है। आशा बहुएं हर दिन जाकर एक बार मिलकर मरीजों का हाल जानती हैं।
- डॉ. एएन प्रसाद, सीएमओ।