कर्मचारियों के बीमार होने पर अभी तक इलाज कराने के बाद खर्च का बिल लेखा विभाग से पास कराना होता था। इसमें लेखा कर्मचारी भुगतान के लिए सौदेबाजी करते थे। शासन की नई व्यवस्था के तहत अब कर्मचारियों का कैशलेस कार्ड बनाया जाएगा। जिससे उनका नि:शुल्क इलाज होगा। यह सुविधा पेेंशनरों को भी मिलेगी।
अधिकारियों के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों को अब तक बीमार होने पर खुद इलाज करवाना पड़ता था। इलाज करवाने के बाद वे बिल तैयार करके लेखा कर्मचारी के पास जमा करते थे। बिल पास करवाने के लिए घूस तक देते थे। मगर अब ऐसा नहीं होगा। शासन अधिकारी, कर्मचारी व पेंशनरों का कैशलेस कार्ड बनवाने जा रहा है। इसी कार्ड को लेकर बीमार अधिकारी, कर्मचारी शासन की ओर से चिंहित अस्पताल पहुंचेंगे तो चिकित्सक जरूरत समझने पर भर्ती करके उनका इलाज शुरू कर देंगे। घर जाते समय सप्ताह भर की दवा भी अस्पताल प्रशासन मुहैया कराएगा।