जिला निर्वाचन अधिकारी मार्कण्डेय शाही ने बताया कि इस बार चुनाव आयोग ने ई विजिल एप लांच किया है। जिस पर चुनाव में गड़बड़ी से संबंधित किसी भी तरह की घटना पांच मिनट के भीतर अपलोड की जा सकती है। इस पर कंट्रोल रूम तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगा। पुरानी घटनाओं की फोटो इस पर अपलोड नहीं हो सकेगी। इस बार चुनाव में प्रत्याशी संग राजनैतिक दलों के प्रत्याशियों को अपना आपराधिक ब्यौरा देना होगा। हर बूथों पर मतदाताओं को सहूलियत मिलेगी।
लोकसभा चुनाव का बिगुल बजते ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आयोग की ई सुविधा के जरिए पाटयां किसी भी जनसभा व बैठक के लिए परमीशन ले सकती हैं। इस बार चुनाव आयोग ने ई विजिल एप लांच किया है। जिसके जरिए मतदाताओं को प्रभावित करने वालों पर नजर रखी जाएगी। पुरानी फोटो इस एप पर लोड नहीं होगी। तस्वीर अपलोड करते ही घटना की हकीकत का पता चल जाएगा। जीपीएस से घटनास्थल का ब्यौरा भी मिलेगा।
सूचना मिलते ही फ्लाइंग स्कवॉयड टीम मौके पर पहुंचेगी। जांच के बाद तत्काल कार्रवाई होगी। चुनाव कंट्रोल रूम पूरी तरह से तैयार है। शिकायतों का त्वरित निस्तारण होगा। जिसका आनलाइन आयोग निरीक्षण करेगा। हिस्ट्रीशीटरों के साथ असलहों का सत्यापन तेजी से कराया जा रहा है। गांवों में चौकीदार, सेक्रेटरी से बवालियों की जानकारी लेने के बाद उन पर शिकंजा कसा जाएगा। जहां तीन बूथ होंगे, वहां हेल्प डेस्क बनाएंगे।
हर बूथ पर मतदाताओं की सुविधाओं की व्यवस्था होगी। राजनैतिक दलों को अपने प्रत्याशियों का ब्यौरा देना होगा। नामांकन के समय प्रत्याशियों को शपथ पत्र देना होगा। पाटयों को भी बताना होगा कि उन्होंने कितने आपराधिक छवि वाले लोगों को टिकट दिया है।
चुनाव में 18 हजार बवालियों से प्रशासन को खतरा
लोकसभा चुनाव को सकुशल संपन्न कराने में जुटे प्रशासन को 18 हजार बवालियों से खतरा है। जिसकी सूचना बीट के सिपाहियों ने पुलिस को दी है। चुनाव के पहले उन लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा। थानेदार सूची का सत्यापन करने के साथ ही नामों में इजाफा कर सकते हैं।
हर चुनाव में आयोग की नजर जिले पर रहती है। चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ ही पुलिस अफसर पहले से कवायद में जुटे हुए हैं। एसपी एस आनंद के निर्देश पर जिले में चुनाव के दौरान बवाल करने वाले लोगों की सूची तैयार कराई गई। बीट सिपाहियों से मिली सूची के आधार पर शहर से लेकर गांवों में करीब 18 हजार बवालियों का नाम सामने आया है। जिनसे चुनाव में खतरा होने की संभावना बताई जा रही है। उन नामों का फिर से सत्यापन थानेदारों को करने का निर्देश दिया गया है।
थानेदार बवालियों की संख्या बढ़ा व घटा सकता है। दलित बस्तियों में घुसकर लोगों को मत देने से रोकने वालों पर अलग से पुलिस नजर रखेगी। एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा ने बताया कि बवालियों की संख्या चुनाव करीब होते-होते और बढ़ेगी। अभी तो फौरी तौर पर यह जानकारी जुटाई जा गई है। सभी को पाबंद करने के साथ ही उन लोगों को मतदान केंद्र से दूर रखने का इंतजाम किया जाएगा। ताकि मतदान के लिए कोई बवाल न हो सके।