कोहरे के कारण पुरी से नई दिल्ली जाने वाली 12875 नीलांचल एक्सप्रेस और अमृतसर से हावड़ा जाने वाली 13006 पंजाब मेल बुधवार को कैंसिल कर दी गईं। इसके अलावा पुरी जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस अनिश्चित लेट चल रही थी। ट्रेनों के कैंसिल किए जाने से यात्रियों को काफी दिक्कतें आईं। नीलांचल के कैंसिलेशन का मैसेज भी नहीं दिया गया।
पंजाब मेल के कैंसिल किए जाने का मैसेज आया था कंट्रोल ने भी इसकी पुष्टि की थी। इसको लेकर रेलकर्मचारियों को टेंशन नहीं थी। मगर नई दिल्ली जाने वाली नीलांचल एक्सप्रेस के कैंसिलेशन को लेकर कर्मचारी डरे हुए थे। क्योंकि इसका न तो इंक्वायरी दफ्तर में मैसेज आया था न ही कंट्रोल से पुष्टि हुई थी। केवल एनटीइएस (नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम) पर आई सूचना पर कर्मचारी भरोसा नहीं कर पा रहे थे।
कुछ दिनों पहले एनटीइएस की सूचना पर विश्वास करके पंजाब मेल ट्रेन के रूट की गलत जानकारी का खामियाजा कर्मचारी पहले ही भुगत चुके थे। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर कैंसिल की गई पंजाब मेल का रूट सुल्तानपुर था। स्टेशन पर बाकायदा इसकी घोषणा की गई थी। सूचना पट्ट पर भी डायवर्जन लिखा गया था। मगर एनटीइएस पर पंजाब मेल का रूट प्रतापगढ़ आ रहा था।
रेलवे द्वारा रूट की सही जानकारी न मिलने से यात्री भड़क गये थे। कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर दिये थे। उस घटना को इंक्वायरी और स्टेशन मास्टर कार्यालय के कर्मचारी भूल नहीं पाये थे। इंक्वायरी के कर्मचारियों का कहना था कि बुधवार को पुरी से नईदिल्ली जाने वाली नीलांचल एनटीइएस पर कैंसिल चल रही थी। इसका मैसेज लखनऊ से नहीं दिया गया था। न ही कंट्रोल वालों ने इस बारे में बताया। जब भी ऐसा मामला आया है मैसेज और कंट्रोल से सूचना आती है। ट्रेन के आने का समय भी बीत गया, मगर कंट्रोल से कोई जवाब नहीं आया। बाद में एनटीइएस के आधार पर कर्मचारियों ने डरते-डरते नीलांचल के कैंसिलेशन की सूचना लिखी। कर्मचारियों का आरोप है कि कंट्रोल की इस तरह की लापरवाही से किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। नीलांचल और पंजाब मेल के कैंसिल होने से पहले से आरक्षण कराकर यात्रा करने की तैयारी करके स्टेशन पर आये मुसाफिरों को ठंड में काफी दिक्कतें आईं।
एडीआरएम ने सभी स्टेशनों का किया निरीक्षण
कुंडा(ब्यूरो)। एडीआरएम सुरेश कुमार सप्रा ने क्षेत्र के सभी स्टेशनों पर रुककर उनका निरीक्षण किया। वह प्रयाग से होकर लौट रहे थे।
एडीआरएम टावर वैगन से चेकिंग के लिए बनारस तक गए थे। लौटते समय वह प्रयाग होकर कुंडा की तरफ बढ़े। इसके बाद भदरी, कुंडा हरनामगंज, मानिकपुर, परियावां सहित सभी स्टेशनों पर वह रुके और वहां की कार्यशैली समझी। इस दौरान उन्होंने समस्याओं के निस्तारण और लोगों को मिलने वाली सुविधाओं को जायजा लिया। यही नहीं उन्होंने कार्यालय में संचालन और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। इस दौरान सभी स्टेशनों पर हड़कंप का माहौल रहा।