शुक्रवार की रात कसेरुआ सहित तीन गांवों के लिए नहर का पानी कहर बन गया। पानी के तेज बहाव से घाटमपुर माइनर की पटरी टूटने से सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। पानी गांव में भी घुस गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि पटरी बांधने में 16 घंटे से अधिक समय लग गया। करीब 11 बजे कसेरुआ गांव के पास घाटमपुर माइनर की पटरी अचानक बह गई। पानी के तेज बहाव ने कसेरुआ, बांसी और संसारियापुर गांव को अपनी गिरफ्त में ले लिया। सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न होने के बाद पानी गांव में घुस गया। रात में ही गांव वाले नहर की पटरी को ठीक करने का प्रयास करने लगे। मगर पानी का बहाव तेज होने के कारण किसानों का प्रयास बेकार गया। गांव वालों ने शनिवार सुबह जिला प्रशासन के साथ शारदा सहायक सिंचाई खंड प्रथम इलाहाबाद को सूचना दी। सिंचाई विभाग कर्मचारी पहुंच गए। काफी जद्दोजहद के बाद कर्मचारियों और लोगों को टूटी पटरी बांधने में सफलता मिली। सहायक अभियंता आरबी सरोज ने बताया कि पानी से फसलों का नुकसान पहुंचा है। इसकी जांच कराने के लिए राजस्व विभाग के कर्मचारियों को कहा गया है।
कसेरुआ गांव निवासी अश्विनी पटेल, अयोध्या प्रसाद पटेल, कन्हैयालाल पटेल, जीतलाल पटेल, जवाहर लाल, मनीष मिश्र ने नहर के पानी से हुए नुकसान पर मुआवजा की मांग की है। किसानों ने बताया कि गेहूं, आलू और मटर की फसल पूरी तरह पानी में डूबी हुई है।
रानीगंज के एसडीएम ने बताया नहर की पटरी कमजोर थी, पानी के तेज बहाव से पटरी टूट जाने के कारण कसेरुआ, बांसी और संसारियापुर की फसल जलमग्न हो गई है। क्षेत्रीय लेखपाल से नुकसान का सर्वे करने को कहा गया है।