मनचाहे मॉडल स्कूलों में तैनाती के लिए सत्ता दल के नेताओं के फोन अफसरों के पास घनघनाने लगे हैं। शहर के करीब सदर ब्लाक के मॉडल स्कूलों में तैनाती की अधिक डिमांड की जा रही है। मंगलवार को एक तरफ शिक्षक इंटरव्यू दे रहे थे, तो दूसरी ओर से उनके पसंदीदा स्कूल में तैनाती के लिए नेताजी का फोन भी अफसरों के पास आ रहा था। इससे परेशान बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अंजान नंबरों की काल को रिसीव करना ही बंद कर दिया।
नेता हैं जो अधिकारियों के काम में हस्तक्षेप करके उन्हें अपने हिसाब से काम करने ही नहीं देना चाहते। बेसिक शिक्षा विभाग के मॉडल स्कूलों में अध्यापकों की तैनाती को लेकर अब जोर-आजमाइश का दौर प्रारंभ हो गया है। मंगलवार को दूसरे दिन इंटरव्यू देने के लिए आने वाले अधिकांश शिक्षकों की सिफारिश भी बेसिक शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचती रही। मंगलवार को शिक्षकों का इंटरव्यू लेने बैठे बीएसए के मोबाइल पर सिफारिश के लिए फोन पर फोन आने लगा।
जिससे वह तंग हो गए। जिसका भी फोन आता, बीएसए जी सर, यस सर कहकर बातें करते और डायरी में टीचर, स्कूल का नाम लिखते रहे। मगर यह सिलसिला लगातार जारी रहने पर परेशान बीएसए ने अंजान नंबर की काल रिसीव करना ही बंद कर दिया। जिले के मॉडल स्कूलों में एक अप्रैल के पहले ही फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले अध्यापकों की तैनाती होनी है। दरअसल में मॉडल स्कूल में जाने को तैयार अधिकांश शिक्षक ऐसे हैं, जिन्हें दो वर्ष पूर्व प्रमोशन मिलने के बाद कुंडा और कालाकांकर के स्कूलों में तैनाती दे दी गई थी। मगर तबादला नहीं होने के कारण वह फंसे हुए हैं। इसलिए वह जुगाड़ लगाकर मनचाहे स्कूलों में तैनाती कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि लिखित परीक्षा, इंटरव्यू हो गया है, दो अप्रैल के पहले ही शिक्षकों की स्कूलों में तैनाती कर दी जाएगी।