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कोरोना के खौफ से नहीं बजेगी शहनाई

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कोरोना वायरस का खौफ अब शादी व वैवाहिक कार्यक्रमों पर भी पड़ने लगा है। सहालग में एडवांस बुकिंग होने के बाद भी लोगों का काम धंधा मद्दा हो गया है। अप्रैल में शादी की तिथियों के बाद भी आभूषण, बैंडबाजा, मैरिज हाल संचालक परेशान हैं। प्रशासन ने भीड़ एकत्र होने पर जुर्माना सुनाने का आदेश दे रखा है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव से निपटने के लिए प्रशासन लगातार जनता को घरों में रहने के लिए मजबूर कर रहा है। एक जगह भीड़ एकत्र न होने के लिए धारा 144 लगा दी गई है।
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धार्मिक स्थलों में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोगों को कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचाया जा सके। अप्रैल में कई तिथियों पर शादी विवाह का शुभ मुहूर्त था। जिसमे शहनाई गूंजने के साथ ही लोग सात जन्मों के लिए शादी के बंधन में बंध जाते। इसके लिए लोगों ने मैरिज हाल, बैंडबाजा, लाइट, डीजे बुक कर दिया था। मगर, कोरोना के खौफ ने हर किसी के कदम को पीछे खींच दिया है। प्रशासन ने भी एक जगह भीड़ एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी है।
ऐसे में कुछ लोग शादी की तिथियों में रद्दोबदल करने को मजबूर हो रहे हैं तो कुछ लोग सादगी के साथ वैदिक रीति रिवाज से सात फेरे लेने की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना के कहर से बचने के लिए हर कोई जरूरी कदम उठा रहा है। इस बार शादी विवाह के शुभ मुहूर्त में शहनाई नहीं गूंज सकेगी। सहोदरपुर निवासी राकेश की बारात 15 अप्रैल को सुलतानपुर जानी है लेकिन कोरोना के चलते मैरिज हाल, बैंडबाजा वालों ने मना कर दिया। जिसके बाद अब राकेश शादी की तिथि कैंसिल करने की तैयारी में है। कांशीराम कालोनी निवासी महमूद की शादी भी 27 मार्च को होनी थी। इसकी तैयारी चल रही थी लेकिन अब कोरोना के चलते केवल निकाह होगा। मैरिज हाल संचालक असलम खान ने बताया कि कोरोना को लेकर शासन के निर्देश का पालन किया जा रहा है। जो बुकिंग ली गई थी। उसे निरस्त करते हुए शादी विवाह की बुकिंग कराने वालों को जानकारी पहले ही दे दी जा रही है। जब तक कोरोना का माहौल शांत नहीं होता, तब तक कोई भी कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। प्रशासन की ओर से बराबर दिशा निर्देश दिया जा रहा है।
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कोरोना वायरस का हर व्यवसाय पर असर पड़ा है लेकिन आभूषण कारोबार पर अधिक प्रभाव देखा जा रहा है। शादी विवाह का इंतजार आभूषण कारोबारियों को बेसब्री से रहता है। अप्रैल से शादी विवाह के शुभ लगन पर कोरोना का कहर पड़ गया है। जिसके चलते लोग जेवरात बनवाने के लिए दूरी बनाए हुए हैं। दुकानदारों को कारीगरों का मेहनताना भी घर से देना पड़ रहा है। श्याम बिहारी गली निवासी सराफा कारोबारी प्रहलाद खंडेलवाल ने बताया कि नवरात्र के साथ ही शादी विवाह का दौर शुरू हो जाता था। जिससे आभूषण की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन कोरोना के खौफ से दुकानों सन्नाटा पसरा हुआ है। जो एडवांस आर्डर दिए हैं। उन लोगों ने भी अभी रुके रहने को कहा है। सोने व चांदी के दाम में भी उतार चढ़ाव चल रहा है।
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