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Pratapgarh News: बस और ट्रक के चक्के जाम, यात्री रहे परेशान

Tue, 02 Jan 2024 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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रोडवेज बस अड्डे पर मांगों को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद
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मोटर अधिनियम के नए कानून में बदलाव की मांग करते हुए निजी वाहन चालक सोमवार को हड़ताल पर रहे। ट्रकों के साथ रोडवेज के बस चालकों ने गाड़ी नहीं चलाई। ट्रक और बस के चक्के जाम रहने से यात्री परेशान रहे। ऑल मोटर्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले चालकों ने सरकार के विरोध में नारेबाजी की फिर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। हड़ताल की वजह से राज्य सड़क परिवहन निगम को करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ।
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हादसे के बाद घायल को यदि दुर्घटना करने वाला चालक घायल को अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज नहीं कराता, समय रहते पुलिस को सूचना नहीं देता है तो नए कानून के तहत दस साल की सजा और सात लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। निजी वाहन चालक इसका विरोध कर रहे हैं। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब चालक से दुर्घटना हो जाती है तो मौके पर स्थानीय लोग उग्र होकर मारपीट करने लगते हैं।
आल मोटर्स ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशुतोष पांडेय ने कहा कि कई बार तो उग्र हुए लोग वाहन जला देते हैं। तोड़फोड़ तो मामूली बात हो गई है। उन्होंने बताया कि कि मोटर अधिनियम में बदलाव कर नया आदेश जारी करने की मांग पर ट्रक और निजी के साथ रोडवेज बस चालक हड़ताल पर रहे। यदि तीन दिन के अंदर नया कानून लागू नहीं किया गया तो हड़ताल जारी रहेगी।
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वक्ताओं ने कहा कि किसी भी असुविधा के लिए प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदार होंगे। बस स्टैंड के स्टेशन मास्टर रत्नाकर त्रिपाठी ने बताया कि चालकों के हड़ताल पर जाने से करीब आठ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया कि यह हड़ताल प्रतापगढ़ में ही नहीं बल्कि देशव्यापी है।



ड्यूटी पर आए, लेकिन बिना कुछ कमाए घर चले गए
परिवहन निगम विभाग में संविदा पर तैनात चालक और परिचालकों को भी परेशान होना पड़ा। समय से ड्यूटी पर आना पड़ा। बगैर ड्यूटी किए वापस भी लौटना पड़ा। परिवहन निगम में संविदा पर तैनात चालक और परिचालक को प्रति किलोमीटर के हिसाब के दर से मानदेय मिलता है।



ट्रेन न होने से बढ़ी परेशानी
लखनऊ, प्रयागराज और अयोध्या के साथ वाराणसी के लिए दिन में ट्रेनों का संचालन नहीं होने के कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा। जहां के तहां यात्री फंस गए। बस और ट्रेन के लिए लोग परेशान दिखे। इसका फायदा कुछ डग्गामार वाहन चालकों के साथ ई-रिक्शा चालक उठाते रहे। आमतौर पर बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन तक का किराया ई-रिक्शा वाले दस रुपये लेते रहे हैं। सोमवार को स्टेशन के लिए तीस रुपये तो भैरोपुर के लिए 50 और सदर मोड़ के लिए 70 रुपये तक लिए गए। मोहनगंज और भुपियामऊ, रानीगंज, कोहड़ौर और पट्टी जाने वाले यात्रियों को मजबूरन 500 रुपये में ई-रिक्शा बुक करना पड़ा।



क्या बोले यात्री



नि जी के साथ रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से परेशान हुआ। स्यास्थ विभाग में अपनी सेवा देता हूं। बस संचालन ठप होने से घर जाने के लिए परेशान हूं।
राजीव त्रिपाठी, संग्रामगढ़।
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मुझे अमेठी जाना है। निजी के साथ रोडवेज बस चालक के हड़ताल पर जाने से परेशान होना पड़ा। काफी देर तक साधन खोजते रहे, लेकिन ई-रिक्शा ज्यादा किराया मांग रहे थे।
रवींद्र प्रताप सिंह, अमेठी
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तुलसी एक्सप्रेस ट्रेन से उतर कर बस स्टैंड आया। घर जाने के लिए बीते एक घंटे से परेशान हूं। ई-रिक्शा वाले सीधे मुंह बात नहीं कर रहे हैं। ऐसे में क्या करूं, समझ नहीं आ रहा है।
- मोहित तिवारी, लालगंज अझारा


बस चालकों के हड़ताल पर होने से परेशान घूम रहा हूं। प्रयागराज जाने के लिए वाहन नहीं मिला। हाल यह है कि एक खाली ई-रिक्शा आने पर 15 लोग बैठने के लिए पहुंच जाते हैं।
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- विवेक मिश्र, देवकली।

रोडवेज बस अड्डे पर मांगों को लेकर हड़ताल कर प्रदर्शन करते कर्मचारी। संवाद

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