प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से राजधानी नई दिल्ली तक बुलेट ट्रेन की तैयारी भारत सरकार कर रही है। दिल्ली से करीब 840 किलोमीटर दूर वाराणसी का सफर आसान नहीं होता है। ट्रेन हो या फिर बस से सड़क मार्ग की यात्रा, वाराणसी पहुंचना थकाऊ साबित होता है।
दिल्ली से वाराणसी के लिए बुलेट ट्रेन के संचालन की तैयारी रेल विभाग ने शुरू कर दी है। दोनों शहरों के बीच 12 स्टेशनों के बीच की दूरी महज तीन घंटे में पूरी होगी। बुलेट ट्रेन वाराणसी से प्रतापगढ़ के रास्ते दिल्ली जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से राजधानी नई दिल्ली तक बुलेट ट्रेन की तैयारी भारत सरकार कर रही है। दिल्ली से करीब 840 किलोमीटर दूर वाराणसी का सफर आसान नहीं होता है। ट्रेन हो या फिर बस से सड़क मार्ग की यात्रा, वाराणसी पहुंचना थकाऊ साबित होता है। फ्लाइट का किराया महंगा होने के कारण हर कोई इसका लाभ नहीं उठा पाता है। इस समस्या को देखते हुए रेलवे प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से दिल्ली के बीच बुलेट ट्रेन संचालन की तैयारी में जुटा हुआ है।
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यह ट्रेन जंघई, मां बेल्हादेवी के रास्ते लखनऊ होते हुए दिल्ली के लिए संचालित होगी। इसके संचालन से तीन घंटे के भीतर यात्री दिल्ली से प्रतापगढ़ पहुंच जाएगे। स्टेशन अधीक्षक शमीम अहमद ने बताया कि दिसंबर के पहले ट्रेन संचालन को लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। गौरा से जंघई के बीच ट्रैक दोहरीकरण का कार्य हो रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद ही बुलेट ट्रेन संचालन को लेकर किसी प्रकार का निर्णय रेलवे बोर्ड लेगा। बुलेट ट्रेन संचालन को लेकर अभी अफसर मंथन कर रहे हैं, लेकिन किसी प्रकार का आदेश और निर्देश मेरे पास नहीं आया है।