रूपापुर नई बस्ती में यहां से गुजरी है बेल्हा माइनर।
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बेल्हा माइनर की सफाई में जुटे सिंचाई विभाग के अफसरों ने 1.600 किमी नहर की खुदाई करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। रूपापुर हनुमान मंदिर तक नहर की खुदाई करने वाला विभाग अब आगे की खुदाई नहीं करेगा। विभाग की जांच में खुलासा हुआ है कि नहर में बीचोबीच सड़क बना दी गई है, जबकि पटरियों पर आलीशान भवन खड़ा कर दिया गया है।
सिंचाई विभाग के बेल्हा माइनर पर सगरा से रूपापुर तक अवैध कब्जेदारों ने नहर पर कब्जा कर लिया है। डीएम आवास तक आने वाली इस नहर पर 1.600 किमी पर लोगों ने पक्का निर्माण करके अवैध कब्जा कर लिया है। विभाग के जिम्मेदार लोगों का मानना है कि नहर के बीचोबीच सड़क बना दी गई है और पटरियों पर पक्का निर्माण कर लिया गया है।
विभाग ने कई बार माइनर को खाली कराने का प्रयास किया, मगर सफलता नहीं मिली। यहां तक कि अधिकारियों ने माइनर की जमीन पर हुए अतिक्रमण पर लाल निशान भी लगा दिया था। जिससे अतिक्रमण करने वालों के हाथ-पैर फूल गए थे। 29 साल से बेल्हा माइनर पर हुए अतिक्रमण को खाली कराने में प्रशासन को पसीना छूटता रहा।
हालांकि 29 साल बाद अफसरों की कवायद सफल हुई और लगभग चार किमी नहर की सफाई हुई। मगर हनुमान मंदिर के आगे न तो जेसीबी चलेगी और न ही अब सफाई होगी। इसकी वजह यह है कि आगे की नहर पर पक्का निर्माण हो चुका है। जिसे हटाना अब आसान नहीं होगा। फिलहाल विभागीय अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया गया है।
बेल्हा माइनर के 1.600 किमी पर अवैध भवन निर्मित हैं, जिसकी सूचना शासन को भेजी जा चुकी है। शासन का आदेश आते ही अभियान चलाकर नहर से अवैध कब्जा हटवाया जाएगा। सुधीर कुमार पाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
रूपापुर नई बस्ती में बेल्हा माइनर की जगह बने भवन।- फोटो : PRATAPGARH