नेह के बंधन से गुरुवार को बहनें भाइयों की कलाई सजाएंगी। मुंह मीठा कराकर उनके मंगल के लिए कामना करेंगी। बुधवार को दिनभर रक्षाबंधन की तैयारी को लेकर भीड़ बाजारों में जुटी रही। भाइयों के पंसद की मिठाई व रंग-बिरंगी राखियां खरीदी जाती रहीं।
रक्षाबंधन के पर्व के एक दिन पूर्व बुधवार को बाजारों में चहल-पहल दिखी। बहनों व भाइयों की भीड़ रक्षाबंधन की तैयारी को लेकर उमड़ी रही। भाइयों की कलाई पर राखी बांधने को बहनें आतुर हैं। परदेश से भी लोगों के आने का सिलसिला जारी रहा। टे्रनों व बसों में भारी भीड़ रही। गुरुवार को श्ुाभ मुहूर्त में बहनें भाइयों की कलाई सजाएंगी। ज्योतिषाचार्य पं. श्रीराम तिवारी ने बताया कि सुबह 5.45 बजे से सुबह 10.10 बजे तक रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त है। सुबह 5.45 से 7.58 तक सिंह लग्र है जबकि 7.58 से 10.10 बजे तक कन्या लग्न है। इस मुहूर्त में रक्षासूत्र बधंवाने पर मान, सम्मान, सुख-शांति की प्राप्ति होती है। इसके बाद सुबह 10.10 बजे से दोपहर 12.28 तक चर लग्र है। यह लग्र रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं मानी जाती। दोपहर 12.28 से 1.30 बजे तक वृश्चिक लग्र है। केंद्र में बृहस्पति है। यह मुहूर्त भी शुभ है। इसमें धन, सम्मान व लाभ होगा। दोपहर 1.30 से दोपहर 2.45 तक राहु काल है। यह समय रक्षाबंधन के लिए शुभ नहीं माना जाता। इसके बाद दोपहर 2.45 से शाम 4.20 तक धनु लग्र है। यह समयावधि रक्षाबंधन के लाभप्रद है।
डिजिटल राखियों की रही धूम
रक्षाबंधन पर बाजारों में आई डिजिटल राखियों की धूम रही। बहनों ने डिजिटल राखियों की जमकर खरीदारी की। इसके अलावा वाराणसी, लखनऊ, दिल्ली, मायानगरी मुंबई सहित कई बड़े महानगरों से आईं राखियों की भी डिमांड रही। फोम से बनीं राखियां, चमकीली पन्नियों से चमकने वाली राखियों की भी जमकर खरीदारी हुई।
लड्डू, इमरती, कलाकंद की मची लूट
रक्षाबंधन पर्व पर लड्डू , इमरती, कलाकंद की लूट मची रही। बाजारों में इस बार मिठाइयों में सबसे ज्यादा इन्हीं की डिमांड रही। शहर के बाबागंज, अंबेडकर चौराहा, मीराभवन व स्टेशन रोड सहित बाजारों में मिष्ठान भंडारों में भी देरशाम तक लोग खरीदारी करते रहे। मिष्ठान भंडारों की बल्ले-बल्ले रही।
अम्बेडकर चौराहे पर लगी दुकानों पर राखी खरीदते लोग।- फोटो : PRATAPGARH