जेठवारा के चमरूपुर पठान गांव में बृहस्पतिवार की रात बहन के घर के विवाद सुलझाने पहुंचे भाई की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद बहनोई का आरोपी भाई के साथ अन्य हमलावर घर से भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस ने दबिश देकर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पीएण के बाद शुक्रवार को शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया।
चमरूपुर पठान निवासी मोहम्मद शरीफ उर्फ मिस्टर (38) बृहस्पतिवार की देर रात रिश्तेदार से मोबाइल पर बात कर रहा था। घर से करीब दो सौ मीटर दूर ब्याही बहन सबरुल निशा व उसके परिवार के लोगों के बीच विवाद की उसे जानकारी हुई। वह विवाद सुलझाने के लिए भागकर बहन के घर पहुंचा।
आरोप है कि विवाद सुलझाने के दौरान शरीफ के बहनोई अलीम का बड़ा भाई नईम अपने परिवार के लोगों के साथ उससे भिड़ गया। वह जब तक संभलाता आरोपी हमलावरों ने उस पर लाठी-डंडे व लोहे की राॅड से हमला कर दिया। मारपीट के दौरान शरीफ के सिर में गंभीर चोटें आईं। थोड़ी देर में वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे तो आरोपी धमकी देते हुए भाग निकले।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। रात में दबिश देकर पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को हिरासत में ले लिया। सीओ सदर अमरनाथ गुप्ता ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पल भर में आंखों के सामने सदा के लिए बिछड़ गया भाई, सदमे में बहन
बहन सबरुल का विवाद अक्सर जेठ समेत परिवार के अन्य लोगों से होता रहता था। चूंकि करीब ही मायका था तो बहन की मदद के लिए भाई शरीफ समेत अन्य लोग वहां पहुंच जाते थे। अपनी आंखों के सामने ही भाई शरीफ की मौत से सबरुल सहमी है। उसे ऐसा सदमा लगा है कि उसके बोल तक नहीं फूट रहे हैं। मृतक शरीफ का छोटा भाई मोहम्मद सईद सऊदी में रहता है। पिता मोहम्मद मुस्तफा, उसकी मां, पत्नी संग व बेटे सोहेल का रो-रोकर हाल खराब है।
पुलिस चेती होती तो बच सकती थी शरीफ की जान
चमरूपुर पठान में तीन भाइयों के बीच अलीम के साथ ब्याही सबरुल निशा के पारिवार में अक्सर झगड़े होते थे। इसी खुन्नस में करीब 15 दिन पहले मृतक शरीफ का बेटा सोहेल गांव में ही बुआ के जेठ नईम के किराने की दुकान पर सामान लेने गया था। नईम ने उसे सामान देने से इन्कार कर दिया था। दुकान पर हुई कहासुनी के दौरान नईम ने सोहेल की पिटाई करते हुए बाइक तोड़ दी थी। शिकायत के बाद भी जेठवारा पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो शरीफ की जान बच जाती।
जेठवारा के चमरुपुर गांव में मृतक शरीफ के घर पर जुटी भीड़। संवाद