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अधिवक्ता की हत्या के विरोध में सीएम का पुतला फूंका

Sat, 12 May 2018 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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इलाहाबाद में बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े साथी की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंका। घटना से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने हाईवे और पुलिस लाइन तिराहे पर जाम लगा दिया। साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम में घुसने वाले वाहन सवार लोगों को नाराज वकीलों ने भगा दिया। इससे शहर में एक घंटे के लिए अफरातफरी का माहौल बना रहा।
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इलाहाबाद में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव की हत्या से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने शुक्रवार की सुबह जुलूस निकाला। न्यायिक कार्य से विरत रहते हुए प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद वकीलों का हुजूम पुलिस लाइन तिराहे की ओर कूच कर गया। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के विरोध में नारेबाजी करने लगे। कुछ ही देर में वकीलों ने तिराहे पर जाम लगा दिया। कुछ लोग जबरन घुसने का प्रयास किए तो अधिवक्ताओं ने सभी को खरीखोटी सुनाई और भगा दिया। जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लीलाधर दुबे, महामंत्री शेषबहादुर सिंह की अगुवाई में अधिवक्ता विरोध-प्रदर्शन करते हुए सड़क पर बैठ गए।

जाम की खबर मिलने पर सीओ सिटी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे।  यहां अधिवक्ताओें को समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन अधिवक्ता किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थे। करीब एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। अधिवक्ताओं ने कहा कि 12 घंटे के भीतर हत्यारोपी नहीं पकड़े गए तो वे लोग उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे। सीओ सिटी को वकीलों ने ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में गणेश नारायण मिश्रा, भूपेंद्र शुक्ला, शिवाकांत मिश्र, सुरेश नारायण पांडेय, अनूप शुक्ला, दिनेश पांडेय, जावेद अख्तर समेत अन्य लोग शामिल रहे। अधिवक्ताओं ने शोकसभा कर मृत अधिवक्ता की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
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उधर, साथी की हत्या से आक्रोशित जूनियर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रोहित शुक्ला, महामंत्री जेपी मिश्र, वकील परिषद के नागेंद्र प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने जुलूस निकाला। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंक आक्रोश व्यक्त किया।

आक्रोशित अधिवक्ताओं ने कहा प्रदेश सरकार अधिवक्ता के परिवारीजनों को 50 लाख रुपये मदद दे। आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए। यदि हत्यारों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे लोग सोमवार को व्यापक आंदोलन करेंगे। इस मौके पर सुशील कुमार पांडेय, नीरज कुमार, भारत भूषण तिवारी, मुक्कू ओझा, संतोष तिवारी निशुल्क, रंजन मिश्र, चंद्रशेखर, विनय सिंह, संदीप उपाध्याय समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

सदर तहसील के अधिवक्ताओं ने भी विरोध-प्रदर्शन करते हुए तहसील के सामने इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग पर जाम लगा दिया। गर्मी में जाम के चलते वाहनों का आवागमन बंद हो गया। इससे लोग परेशान हो गए। इस दौरान चंद्रेश पांडेय, विवेकदत्त पाली, अंसार अहमद, परवेज, चंचल, संजय सिंह समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। वकील परिषद के अध्यक्ष रामप्रसाद तिवारी, महामंत्री नागेंद्र प्रसाद शुक्ल, परशुराम उपाध्याय, चिंतामणि पांडेय, ओमप्रकाश मिश्र आचार्य समेत अन्य लोगों ने दुख जताया। प्रशासन से अधिवक्ता के परिजनों को 50 लाख की मदद देने की मांग की।

प्रभारी एफएसओ के वाहन को लौटाया
प्रभारी अगिभनशमन अधिकारी वकीलों के प्रदर्शन के दौरान कार्यालय लौट रहे थे। वे भी जाम में फंस गए। चालक वाहन आगे बढ़ाने लगा तो वकील नारेबाजी करने लगे। तमाम प्रयास के बाद भी आक्रोशित अधिवक्ता वाहन को लौटा दिए। इस बीच नगर पालिका की कूड़ागाड़ी मौका पाकर भाग निकली। डाक लेकर जा रहे वाहन को भी रोका गया। इसके कारण काफी देर तक लोगों को धूप में पसीने से तर बतर होना पड़ा। जाम समाप्त होने के बाद भी बीच में फंसे वाहन निकल सके।

बवाल की आशंका को देख पुलिस वाहनों को लगी लौटाने
पुलिस लाइन तिराहे पर आक्रोशित अधिवक्ता जाम लगाकर नारेबाजी करने लगे। हंगामे की खबर पर सिविल लाइन चौकी की पुलिस के साथ ही सीओ सिटी रमेशचंद्र पहुंच गए। आक्रोशित अधिवक्ता वाहनों की ओर बढ़ने लगे। बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिसकर्मी आगे बढ़कर वाहनों को पीछे कराए। इस दौरान दुकानदारों ने अपनी दुकानें भी बंद कर दी। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद वकील वापस हुए। तब जाकर लोगों ने अपनी दुकानें खोली।
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