महिला की हालत गंभीर, आक्रोशित लोगों ने हाईवे पर लगाया जाम
बादशाहपुर की ओर जा रही बेकाबू कार ने वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर दुकान पर बैठी मासूम समेत तीन को रौंद दिया। जिससे तीनों की मौत हो गई और गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। आक्रोशित लोगों ने शवों को हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
नगर कोतवाली के चक्काजी सिटी निवासी ननका देवी (70) पत्नी लल्लू प्रजापति ने लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर महकनी मोड़ के करीब नीम के पेड़ के नीचे गुटका व बच्चों के खाने पीने की सामग्री की दुकान खोल रखी थी। शनिवार दोपहर ननका के पास उसकी बहू गुडिय़ा (25) पत्नी मुन्नू प्रजापति अपने बेटे नीरज (4) के साथ बैठी थी। पड़ोसी सुमन मौर्य (40) पत्नी सजनलाल भी आकर बातचीत कर रही थी। अचानक बादशाहपुर की ओर जा रही बेकाबू कार ने दुकान के पास बैठी महिलाओं को रौंदते हुए गड्ढे में जा गिरी।
लोगों की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। मौके पर ही ननका व सुमन की दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल नीरज और गुडिय़ा को प्राइवेट वाहन से उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। जहां डाक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। गुडिय़ा की हालत गंभीर देख प्रयागराज रेफर कर दिया। पब्लिक ने कार चालक को पकडक़र पुलिस के हवाले कर दिया।
घटना से आक्रोशित लोगों ने शवों को चारपाई पर रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची सिटी चौकी की पुलिस से लोगों की कहासुनी हुई। बाद में भारी फोर्स के साथ सीओ सिटी अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों के साथ ही ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कराया। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
तब जाकर परिजन मानें और डेढ़ घंटे बाद शवों को हाईवे से हटाया। जाम समाप्त होने के बाद वाहनों का बाधित आवागमन बहाल हो सका। इसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस मामले में मुन्नू की तहरीर पर पुलिस ने कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया।