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अनशन पर बैठी भाकियू नेता ने किया खुदकुशी का प्रयास

Thu, 05 Apr 2018 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़कती भाकियू की नेता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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मांगों को लेकर सात दिन से भूख हड़ताल पर बैठीं भारतीय किसान यूनियन की नेता पम्मी सिंह ने कचहरी में गुरुवार को आत्मदाह का प्रयास किया। उन्होंने अपने ऊपर केरोसिन उड़ेल लिया। रोकने के दौरान उनकी पुलिसकर्मियों से छीनाझपटी व हाथापाई तक हुई। जिसमें एक महिला सिपाही चुटहिल हो गई। बवाल की खबर पर सीओ सिटी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उनकी बातों को सुनने के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन भाकियू कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे।
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भारतीय किसान यूनियन की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष पम्मी सिंह व बेलखरनाथ ब्लाक अध्यक्ष शीला पाल अपनी मांगों को लेकर कचहरी में सीआरओ न्यायालय के सामने कई दिनों से धरना दे रही हैं। गुरुवार को पम्मी सिंह व शीला पाल ने आत्मदाह की धमकी दी थी। जिसके चलते सिविल लाइन चौकी प्रभारी महिला पुलिस के साथ आंदोलन स्थल पर मौजूद थे। प्रदर्शनकारियों को प्रदेश अध्यक्ष केतकी सिंह संबोधित कर रही थीं।

तभी सवा एक बजे पम्मी सिंह व शीला पाल हाथ में केरोसिन का डिब्बा लेकर अपने ऊपर छिड़कने लगी। दोनों माचिस से आग लगाने जा ही रही थीं कि महिला पुलिसकर्मियों ने उनसे माचिस छीन ली। चौकी प्रभारी केरोसिन का डिब्बा छीनने लगे। यह देख भाकियू कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। दोनों ओर से छीनाझपटी के बीच हाथापाई होने लगी। जिससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिसकर्मियों ने दोनों महिलाओं के हाथ से केरोसिन छीन लिया।
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इस दौरान एक महिला नेत्री ने महिला सिपाही ज्योति पर हसिया से हमला कर दिया। जिससे महिला सिपाही के हाथ में चोट लग गई। आक्रोशित कार्यकर्ता नारेबाजी करते अफसरों व पुलिस को खरीखोटी सुनाने लगे। कचहरी में बवाल की खबर मिलने पर सीओ सिटी रमेशचंद्र, शहर कोतवाल भागकर पहुंचे। हालांकि तब तक पम्मी सिंह व शीला पाल बेहोश हो गई थीं और कार्यकर्ता उन लोगों को घेरकर अफसरों को कोस रहे थे। आधे घंटे बाद तहसीलदार सदर पहुंचे। कार्यकर्ताओं की मंशा को देखते हुए वहां पर महिला एसओ संग भारी भरकम फोर्स तैनात कर दी गई।

डीएम ने दिया था भरोसा, नहीं पहुंचे
भाकियू के पदाधिकारियों ने कहा कि जिलाधिकारी शंभु कुमार से बात हुई थी। उन्होंने अनशन स्थल पर पहुंचकर उनकी बातों को सुनने व निराकरण का आश्वासन दिया था, लेकिन वह 12 बजे तक नहीं पहुंचे। उनके अलावा गुरुवार को दूसरे अधिकारी भी उनकी बातों को सुनने के लिए नहीं आए। इससे लोगों में गुस्सा रहा। अफसरों ने भी केवल पुलिस की ड्यूटी लगाकर सबकुछ ठीक समझ लिया था।

इन मांगों को लेकर दे रहे धरना
भाकियू के पदाधिकारी अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से कचहरी में धरने पर बैठे हुए हैं। उनकी प्रमुख मांग है कि तीन साल से कचहरी में परिवार समेत धरने पर बैठे हीरालाल विश्वकर्मा को जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। अंतू के पूरेपरमेश्वर निवासी रामसुमेर के घर पर जबरन बंद ताला खुलवाया जाए। डुहिया घाट के पुल निर्माण के लिए शिलान्यास का शिलापट्ट 2 फरवरी को लगाया गया था। जिसे कुछ लोगों ने गायब कर दिया था। इस मामले में एफआई दर्ज कर कार्रवाई की जाए। संडवाचंद्रिका विकासखंड के लोहंगपट्टी ग्राम सभा में स्थित चकर्मा पर लगे पेड़ को कटवाकर अतिक्रमण हटवाया जाए। कब्जा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उनकी मांगों का निस्ताकरण कराने के लिए एडीएम व सीआरओ धरनास्थल पर पहुंचे, लेकिन मांगों के निराकरण के संबंध में कोई आश्वासन नहीं दिया गया।
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