मोदी लहर पर सवार भाजपा-अपना दल गठबंधन ने प्रतापगढ़ में भी भगवा फहरा दिया है। भाजपा की आंधी में जिले से सपा-बसपा का सूपड़ा साफ हो गया है। कांग्रेस एक सीट जीतकर किसी तरह अपनी जमीन बचा सकी है। भाजपा-अद गठबंधन ने सपा के कब्जे वाली सदर, पट्टी और रानीगंज सीट अपने पाले में कर ली है, जबकि विश्वनाथगंज सीट पर अद प्रत्याशी को दूसरी बार जीत हासिल हुई है। जिले में केवल राजाभैया और प्रमोद ही अपना दुर्ग बचाने में कामयाब रहे हैं। जिले की सात विधानसभा सीटों में से चार अद-बीजेपी गठबंधन, एक कांग्रेस और दो निर्दलियों के कब्जे में गई हैं। भाजपा और अपना दल के खाते में दो-दो सीटें गई हैं। 2012 के विधानसभा चुनाव में जिले में सपा को चार सीटें मिली थीं। जिसमें विश्वनाथगंज सीट पर सपा विधायक राजाराम पांडेय के निधन के बाद 2014 मेंहुए उपचुनाव में अपना दल ने कब्जा जमालिया था।
2012 के विधानसभा चुनाव में प्रतापगढ़ सदर सीट से सपा के नागेंद्र यादव मुन्ना विधायक चुने गए थे। अपना दल (एस) के प्रत्याशी संगमलाल गुप्ता ने उन्हें 34 हजार से भी अधिक मतों से हराकर इस सीट पर कब्जा कर लिया है। बसपा यहां तीसरे नंबर पर रही। रानीगंज विधानसभा सीट से सपा के शिवाकांत ओझा विधायक थे। पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी अभय कुमार उर्फ धीरज ओझा ने उन्हें 29 हजार से अधिक मतों से हराकर यह सीट भाजपा के खाते में डाल दी। बसपा यहां दूसरे नंबर पर रही। पट्टी विधानसभा सीट पर सपा-भाजपा के बीच कांटे की टक्कर हुई। करीबी मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने विधायक रहे राम सिंह पटेल को 1437 वोटों से हराकर यह सीट सपा के कब्जे से छीन ली। विश्वनाथगंज विधानसभा से अपना दल के विधायक डा. आरके वर्मा अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी और पूर्व मंत्री राजाराम पांडेय के बेटे संजय पांडेय को 23 हजार से अधिक मतों से हराया। बसपा यहां भी तीसरे नंबर पर रही।
कांग्रेस के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी रामपुर खास का अपना दुर्ग बचाने में कामयाब रहे। यहां उनकी बेटी और कांग्रेस प्रत्याशी आराधना मिश्रा मोना भाजपा प्रत्याशी नागेश प्रताप सिंह को 17 हजार से अधिक वोटों से हराकर दूसरी बार विधायक बनी हैं। बसपा यहां भी तीसरे नंबर पर रही।
रामपुर खास से रिकार्ड नौ बार विधायक रहे प्रमोद तिवारी के राज्यसभा सांसद चुन लिए जाने के बाद 2014 में हुए उपचुनाव में वह पहली बार विधायक बनी थीं। कुंडा विधानसभा सीट पर बाहुबली रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजाभैया का जलवा कायम है। निर्दल प्रत्याशी राजाभैया भाजपा प्रत्याशी जानकीशरण पांडेय को एक लाख तीन हजार छह सौ सैंतालिस से भी अधिक मतों से हराकर रिकार्ड सातवीं बार विधायक बने हैं। यहां भी बसपा को तीसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा। बाबागंज विधानसभा सीट से राजाभैया समर्थित विनोद सरोज भाजपा प्रत्याशी पवन कुमार को 37 हजार से अधिक मतों से हराकर लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। राजभैया के प्रभाव वाली कुंडा-बाबागंज और प्रमोद तिवारी के कब्जे वाली रामपुर खास को छोड़कर बाकी चारों सीटों पर भगवा फहर गया है।