भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने रविवार को कहा कि माफिया मुख्तार अंसारी की पार्टी का सपा में विलय होना यह साबित करता है कि वह गुंडों और लुटेरों की पार्टी है। अगर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव में जरा सी भी नैतिकता है तो उनको इस विलय में अहम किरदार निभाने वाले अपने चाचा शिवपाल और चच्चा आजम खां से मंत्री पद से इस्तीफा ले लेना चाहिए। आने वाले विधानसभा के चुनाव में भाजपा एक मजबूत दल बनकर उभरेगी। उसके सामने विपक्षी हवा में उड़ते नजर आएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष केशव मौर्या ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एमएलसी डॉ. महेंद्र सिंह के स्वर्गीय पिता को उनके आवास करमाही पर श्रद्धांजलि देकर लौटते समय पूर्व मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह के आवास पर पत्रकारों से रूबरू होते हुए सपा पर तमाम आरोप मढ़े। विधानसभा के चुनाव में सीएम के चेहरे पर कहा कि यह संसदीय कमेटी तय करेगी। पार्टी उत्तर-प्रदेश में कैराना और मथुरा को मुद्दा बनायेगी। मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय होने और फिर रद्द होने को सपा की नौटंकी बताया। कहा कि सपा में गुंडों और माफियों की जगह है। लेकिन भतीजा अपने चाचा और चच्चा (उनका इशारा सीएम अखिलेश और उनके चाचा शिवपाल यादव और चच्चा यानि आजम खान) से डरता है। अगर सीएम अखिलेश वाकई में उनके कदम से आहत हुए हैं तो उनको दोनों से इस्तीफा ले लेना चाहिए।
स्वामी प्रसाद का निर्णय संसदीय बोर्ड करेगा: माथुर
भाजपा अध्यक्ष के साथ आये उत्तर प्रदेश के प्रभारी ओम माथुर बसपा से निकाले गये स्वामी प्रसाद मौर्या को पार्टी में लेने के सवाल पर केवल इतना बोले कि स्वामी उनसे मिले जरूर थे। मगर उनको पार्टी में शामिल करने का निर्णय भाजपा केंद्रीय बोर्ड का है। सपा पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा कोई परिवार की पार्टी नहीं हैं कि हर कोई फैसला लेता फिरे। कहा कि सपा और बसपा में भगदड़ मच चुकी है। देखते जाइये कौन-कौन लोग भाजपा में शामिल होने वाले हैं। ऐसे लोगों की एक लंबी लिस्ट है। इस पर भाजपा का केंद्रीय बोर्ड फैसला लेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा के चुनाव में भाजपा एक मजबूत दल बनकर सामने आयेगा। विपक्षी दलों की जमीन खिसक जायेगी।