बाइक पर एक से बढ़कर एक स्टंट अंजाम देने वालों को देख लोग दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए। बाइक पर ऐसी कलाबाजी पहले शायद ही कभी लोगों ने देखी थी। तालियों की गड़गड़ाहट स्टंटबाजों का हौसला बढ़ा रही थी और वे दोगुने उत्साह के साथ अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे थे।
जिला पंचायत परिसर में एक बाइक कंपनी द्वारा आयोजित स्टंट शो देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इसमें सबसे ज्यादा युवा ही थे। सामान्य रूप से जिस बाइक को सड़कों पर फर्राटा भरते हुए देखते हैं उस पर ऐसे करतब भी किए जा सकते हैं यह सोच दर्शक रोमांचित हो रहे थे। बाइक स्टंट करने वाले कभी अपनी बाइक का अगला पहिया हवा में उठाकर बाइक चलाते नजर आ रहे थे तो कभी दोनों हाथों को हवा में लहराते हुए बेफिक्र हो जा रहे थे। दो बाइक सवार एक-दूसरे का हाथ पकड़कर भी बखूबी ड्राइविंग कर रहे थे।
यही नहीं बाइक पर खड़े होकर भी उसे चलाने का करतब स्टंटबाजों ने दिखाया। उधर, कुछ लोगों का कहना था इस प्रकार के स्टंट के प्रदर्शन से युवाओं में उसकी पुनरावृत्ति की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। स्टंटबाज तो प्रशिक्षण के बाद सभी एहतियात बरतते हुए इस प्रकार का प्रदर्शन करते हैं लेकिन उन्हें देखने वाले युवा न तो प्रशिक्षित होते हैं और न ही कोई एहतियात बरतते हैं। ऐसे में दुर्घटना की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। जिला पंचायत के बगल ही सिविल लाइन चौकी है। यहां पर तैनात पुलिस कर्मी भी इस तरह के स्टंट पर रोक लागने की बजाय खुद भी मजा लेने में जुटे रहे। पुलिस कर्मियों के इस रवैए से कुछ लोगों में रोष था। लोगों का मानना है कि तेज रफ्तार वाहन के चलते ही आए दिन हादसा होता है। युवा गर अब सड़क पर स्टंट करेंगे तो और हादसे होंगे।