अवैध संबंध में आड़े आ रहे दोस्त की मैहर दर्शन के बहाने लेकर निकले साथियों ने बेरहमी से हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर शव को भी जलाया। बरामद अधजले शव की जांच के दौरान मध्य प्रदेश के कटनी पुलिस ने चार हत्यारोपियों को पकड़कर घटना का खुलासा किया। घटना से परिजन सदमे में हैं।
आसपुर दूसरा थाना क्षेत्र के सैलखा निवासी 28 वर्षीय संदीप यादव कई साल से जौनपुर जनपद के केराकत में ऑटो पार्ट् स की दुकान चलाने के साथ बुलेट बनाने का काम करता था। वह अपने परिवार के साथ किराए पर कमरा लेकर रहने भी लगा। दीपावली के दिन केराकत के रहने वाले दोस्त दीपक, सत्येंद्र समेत चार साथी उसे मैहर दर्शन कराने और मेला दिखाने के बहाने लेकर कार से निकले। एक नवंबर को मध्य प्रदेश के कटनी जनपद के स्लीमनाबाद थाना क्षेत्र के घुघरी रोड तलैया मरघटाई में शराब पिलाकर उसकी हत्या कर पेट्रोल डालकर शव जलाने का प्रयास किया। हालांकि लोगों की सूचना पर पुलिस ने अधजले शव को बरामद कर मॉर्चरी भेजा। शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया। कटनी पुलिस की जांच के दौरान उसकी पहचान हो गई। सूचना मिलने पर मंगलवार की रात पिता महेंद्र यादव परिवार के लोगों के साथ कटनी पहुंचकर शव की पहचान बेटे संदीप के रूप में की। इधर कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिजीत कुमार रंजन ने बृहस्पतिवार को घटना का खुलासा करते हुए मुंगराबादशाहपुर के इटैली के रहने वाले मृतक के दोस्त दीपक, मड़ियाहू के बसावकपुर निवासी आनंद यादव, जौनपुर के रामापुर निवासी एक बाल अपचारी और घुघरी के रहने वाले अभिषेक यादव को जेल भेजा। जबकि मुख्य आरोपी सत्येंद्र फरार है। एसपी ने बताया कि पूछताछ में दीपक ने बताया कि मृतक की पत्नी से दो साल से उसके अवैध संबंध थे। जिसकी जानकारी होने पर संदीप से विवाद हो गया था। जिसे लेकर दोस्तों के बीच पंचायत भी हुई थी। संदीप अपनी पत्नी का प्रताड़ित भी करता था। दीपक ने संदीप को दुकान खोलने के लिए रुपये भी दिए थे। रुपये भी संदीप नहीं लौटा रहा था। मृतक के पिता महेंद्र ने बताया कि वह बहू के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर देंगे। घटना में उसकी भी साजिश है।
एक लाख रुपये में दी थी सुपारी, दो दिन पहले की रेकी
संदीप की हत्या के लिए दीपक ने सत्येंद्र को एक लाख रुपये की सुपारी दी थी। एडवांस के रूप में दस हजार रुपये भी दिए थे। घटना के पहले दीपक व सत्येंद्र घुघरी अभिषेक से मिलने व वारदात को अंजाम देने का खाका तैयार किए थे। चूंकि सत्येंद्र का चचेरा भाई अभिषेक है। इसलिए सत्येंद्र अक्सर उसके पास घुघरी आया करता था।