अरसे से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों के लिए केंद्र सरकार ने एक और मुश्किल खड़ी कर दी है। बिजली की किल्लत से अंधरे में रहने वाले ग्रामीणों के लिए अब लालटेन का सहारा भी नहीं बचेगा। जिले को पहले के मुकाबले में 55 प्रतिशत कम केरोसिन का आवंटन हो रहा है। इससे अब लोगों को सरकारी दुकानों से एक कार्डधारक तीन की जगह एक लीटर केरोसिन वितरित किया जा रहा है। शाम को जरूरत पड़ने पर बिजली गुल हो जाती है। ऐसे में मजबूरन लोगों को 50 रुपये लीटर मिट्टी का तेल खरीदना पड़ रहा है। इससे लोग परेशान हैं।
ग्रामीण इलाके में शासन भले ही 14 घंटे बिजली देने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर है। कभी दिन में बिजली रहती है तो कभी रात में। रात में लाइट आती भी है तो दस बजे के बाद और भोर में ही कट जाती है। ऐसे में ग्रामीणों के लिए लालटेन काम आती थी, लेकिन अब उस पर भी संकट खड़ा हो गया है। जरूरत के समय शाम पांच बजे से सुबह पांच बजे तक बिजली गुल रहती है। उधर, केन्द्र सरकार ने मिट्टी का तेल भी 55 प्रतिशत घटा दिया है। जनपद भर में मात्र नौ हजार केएल केरोसिन आ रहा है। ऐसे में अब तक प्रति कार्ड पर यूनिट के मुताबिक तीन से पांच लीटर मिट्टी का तेल मिलता था। इससे एक माह तक लोगों का काम चल जाता था। मगर इन दिनों प्रतिकार्ड महज एक ही लीटर केरोसिन मिल रहा है। चाहे वह छोटा परिवार हो या फिर बड़ा। इतने कम केरोसिन में लोगों का सप्ताह भर भी काम नहीं चल पा रहा है। इससे लोग परेशान हैं। मजबूरन ब्लैक में 50 रुपये लीटर मिट्टी का तेल खरीदना पड़ रहा है।
सदर विकास खंड के बहलोलपुर निवासी कौशलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बिजली रात दस बजे से दो बजे तक और दिन में सुबह दस से दोपहर एक बजे तक रहती है। जबकि शाम पांच से रात 11 बजे तक बिजली की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। केरोसिन भी एक ही लीटर मिल रहा है। ऐसे में दिक्कत बढ़ गई है। एक कैंडल आधे घंटे ही जलता है। उधर, बबुरहा निवासी राजेश श्रीवास्तव, अनिल पटेल, पवन पटेल, बृजलाल ने बताया कि कोटेदार एक ही लीटर मिट्टी का तेल दे रहा है। समय पर बिजली नहीं मिल रही है। ऐसे में रात में अंधेरे में रहना और खाना हो रहा है। बाजार में 50 रुपये लीटर मिट्टी का तेल ब्लैक में मिल रहा है। गौरा ब्लाक के सुलतानपुर बाजार निवासी अनिल श्रीवास्तव, मेवा यादव, का कहना है कि सरकार भले ही 14 घंटे बिजली देने का दावा कर रही है, मगर हकीकत कुछ और है। समय पर बिजली नहीं मिलती है। मिट्टी का तेल एक ही लीटर मिलने से शाम को दिक्कत हो रही है।
जिले को 55 प्रतिशत कम केरोसिन मिल रहा है। इसके चलते अब एक लीटर प्रतिकार्ड वितरण किया जा रहा है। केरोसिन बढ़ाने को लेकर शासन को पत्र लिखा गया है। बाजार में अगर केरोसिन बिक रहा है तो इसकी जांच कराई जाएगी। कार्रवाई की जाएगी।
पंकज वर्मा, प्रभारी जिला पूर्ति निरीक्षक।