लखनऊ-प्रतापगढ़ रेल मार्ग पर रविवार की रात फिर बड़ा हादसा होते-होते टल गया। चक्रवाती तूफान के दौरान गिरे शीशम के पेड़ की डाल से इंजन जा टकराया। संयोग अच्छा रहा कि कि पेड़ की डाल पतली थी। इसके चलते ट्रेल पलटने से बाल-बाल बच गई। इलेक्ट्रिक लाइन में फंसने के बाद चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोका। सूचना पर पहुंचे अफसरों ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद इंजन में आई खामियों को दूर कर धीमी गति से स्टेशन रवाना किया।
रविवार की रात करीब आठ बजे दूसरी बार चक्रवाती तूफान के चलते अंतू थाना के उमरी रेलवे क्रासिंग के समीप रेलवे ट्रैक पर शीशम की पेड़ की डाल ट्रैक पर गिर गई थी। डाल की चपेट में आने से इलेक्ट्रिक लाइन का तार भी आ गया था। जिससे तार डाल में फंसा था। इस ओर गेटमैन का ध्यान नहीं पड़ा। रायबरेली से प्रतापगढ़ आ रही साकेत एक्सप्रेस की लिंक का इंजन डाल से जा टकराया। कुछ दूर तक डाल इंजन के साथ घसीटती रही।
चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दिया। अचानक ब्रेक लगने से मुसाफिर सहम गए। ट्रेन रुकते ही यात्री मामला समझने के लिए उतर गए। चालक ने हादसे की जानकारी अंतू के साथ प्रतापगढ़ स्टेशन मास्टर व कंट्रोल को दी। कंट्रोल की सूचना पर रेल विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद पहुंची टीम इंजन में आई खराबी को दूर करने में जुट गए। खासी मशक्कत के बाद लिंक एक्सप्रेस का इंजन ठीक हो सका। इसके बाद 25 की स्पीड से लिंक ट्रेन प्रतापगढ़ के लिए रवाना की गई। इस मामले में स्टेशन अधीक्षक प्रतापगढ़ त्रिभुवन मिश्र ने बताया कि शीशम की डाल गिरी थी। डाल गिरने के कारण इलेक्ट्रिक लाइन टूट गई थी। इंजन उसमें फंस गया था। इसके चलते कुछ देर के लिए ट्रेन को रोका गया था। तार निकालने के बाद ट्रेन को मुख्यालय के लिए रवाना कर दिया गया है।