भरत मिलाप की शाम शहर रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा। आकर्षक झालरों की झिलमिल के साथ ही रंग-बिरंगी लाइटों से सड़कें रोशन हो उठीं। शहर के छह स्थानों पर बनाए गए विद्युत मंडलों में विशेष सजावट की गई है।
भरत मिलाप को ऐतिहासिक बनाने के लिए शहर की सड़कों के दोनों तरफ आकर्षक लाइट की सजावट की गई। रामलीला समिति के पास रजिस्ट्रेशन कराने वाले विद्युत मंडलों ने विशेष रोड लाइट की व्यवस्था की गई है। शाम होते ही शहर की सड़कें रोशनी से नहा उठीं। चौक स्थित मकंद्रूगंज चौकी, बाबगंज बाजार में आकर्षक रोशनी का प्रदर्शन सभी को लुभा रहा है। इसके साथ ही किफायत उल्ला रोड पर जय मां काली विद्युत मंडल, चौक में सिद्धेश्वर विद्युत मंडल अजीत नगर में झांकियों का प्रदर्शन किया गया। कई स्थानों पर साउंड सिस्टम भी लगाकर डांस के साथ ही अन्य कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
चार दल, 18 मंडल की कलात्मक चौकियों से शुरू हुआ भरत मिलाप भरत मिलाप की देर रात चारों दलोें के साथ चौकियों का कलात्मक प्रदर्शन शुरू होगा। चारों दलों को चार अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भोर में सभी अपने निर्धारित मार्गों से चौक पहुंचेंगी। ेभरत मिलाप के लिए राम दल, भरत दल, हनुमान दल और लवकुश दल बनाए गए हैं। इनके साथ ही मंडल और कलात्मक चौकियां निकाली जाएंगी। रामदल के साथ श्रीराम भक्त मंडल, गोपाल भक्त मंडल, जय शिव शक्ति मंडल, श्रीकृष्ण भक्त मंडल, श्री शंकर मंडल, ओम साईं मंडल चिलबिला से आएंगे। इसके साथ ही बाल मंडल, श्री बेल्हादेवी मंडल, श्रीराम लीला समिति की राम दरबार चौकी शामिल होगी। लवकुश दल में दुर्गा मंडल, सूरज मंडल, ओम मंडल, बोलबम मंडल शामिल रहेंगे। भरत दल में कीर्ति मंडल व रूपाबाबा मंडल साथ रहेगा। हनुमान दल में शंकर मंडल के नाम से चार मंडल होंगे। हरि मंडल, श्रीराम जानकी मंडल, बेल्हा देवी मंडल, नवयुवक मंडल, आदर्श मंडल, जय मां भवानी मंडल साथ होंगे। सभी मंडलों के साथ कलात्मक चौकियां हैं। इनमें तमाम प्रकार के प्रदर्शन किए जाएंगे।
शहर के ऐतिहासिक भरत मिलाप की पूर्व संध्या पर लाइटों, झालरों और बैंडबाजों के साथ ही चौकियों पर शुरू हुआ प्रदर्शन अयोध्या की खुशियों का एहसास कराने लगे। दलों के आगे बढ़ने की शुरुआत ही भरत और राम मिलन के गीतों से शुरू हुई। ऐसा लगा कि राम से मिलने को आतुर भरत उनके स्वागत को बढ़ चले हों। उधर राम दल से भी भक्ति गीतों और चौकियों के प्रदर्शन के साथ लक्ष्मण और सीता के साथ राम की सुंदर झांकी संचालित की गई। हजारों की संख्या में लगी लाइटों की झांकी से चमकते पात्रों को देख हर कोई अपनी सुधि भूल जा रहा था। उधर चौक घंटाघर भी विद्युत झालरों से सजा अयोध्या के राममहल की तरह लग रहा था।
दूर से देखने से ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे दीवाली की रात अभी से आ गई हो। राम से भरत का मिलन देखने को हजारों आंखें बेताब नजर आ रही थीं। जगह-जगह लगे डीजे पर युवा शाम से ही थिरकने लगे थे। डीजे की आवाज भी लोगों को अपने सीने में उतरती महसूस हो रही थी। कई स्थानों पर डीजे पर नृत्य स्पर्धाएं भी शुरू हो गईं थीं। माइक से युवाओं का उत्साह वर्धन किया जा रहा था। युवा भी अपनी पूरी क्षमता से इस खुशी के पल को अपना बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने में लगे थे। छोटे बच्चों ने भी फुटपाथ पर लगी दुकानों से रंग बिरंगी लाइट फेंक रहे खिलौने लेकर अपनी इच्छा पूरी की। हर तरफ का नजारा आंखों में कैद कर लेने वाला था।
दूर-दराज से शहर पहुंचने लगे लोगः शहर का भरत मिलाप देखने के लिए दूर-दराज के गांवों से भी लोग पहुंचने लगे। गांव से युवा भरत मिलाप देखने पहुंचते रहे तो दूसरे जिले के लोग भी यहां यहां पहुंच गए। दलों के शुरू होने तक तो वह दुकानों पर खाते-पीते रहे लेकिन बैंडबाजों की गरजना सुनते ही वह सड़कों पर खड़े हो गए। बाजारों में भरत मिलाप का आयोजन करने वाले व्यापारी भी शहर में सहयोग करने के बहाने पहुंचे थे।