बेल्हा को एक और बाईपास का तोहफा मिलने जा रहा है। 62 किमी लंबे बाईपास के बनने से तीन तहसीलों के 82 गांवों के किसान प्रभावित होंगे।
नया बाईपास लालगंज, सगरासुंदरपुर, मोहनगंज और रानीगंज बाजार में लगने वाले जाम से निजात दिलाएगा। नए बाईपास के निर्माण के लिए राजस्व विभाग ने सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया है। सांसद संगमलाल गुप्ता के अथक प्रयास से जिले में एक और बाईपास का निर्माण होने जा रहा है।
लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर लालगंज तहसील के रामपुर तियाई के निकट स्थित अर्जुनपुर गांव से निकलने वाला बाईपास जेठवारा थाने के निकट से प्रयागराज-फैजाबाद हाईवे को क्रास करता हुआ रानीगंज तहसील के आगे चिरकुट्टी बाजार में हाईवे में मिल जाएगा।
इस बाईपास का निर्माण होने से लालगंज, सगरासुंदरपुर, मोहनगंज, कटरामेदनीगंज और रानीगंज तहसील में लगने वाले जाम का झंझट खत्म हो जाएगा। 62 किमी लंबे बाईपास में लालगंज, सदर और रानीगंज तहसील के 82 गांव के किसानों की जमीन जाएगी। जमीन के बदले किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
शासन के निर्देश पर राजस्व विभाग की टीम ने इन गांवों का नक्शा और खतौनी को एकत्रित कर लिया है। अब किस किसान की कितनी जमीन बाईपास में जा रही है, इसका सर्वे किया जा रहा है। किसान के जमीन का हिस्से का निर्धारण होते ही मुआवजे की राशि निश्चित की जाएगी।
हालांकि अभी बाईपास निर्माण के लिए कोई बजट नहीं मिला है, मगर जिस तेजी से राजस्व विभाग कार्य कर रहा है, उससे लगता है कि चालू वित्तीय वर्ष में ही बाईपास के लिए बजट की मंजूरी मिल जाएगी।
Iजिले में नए बाईपास का निर्माण करने के लिए तीन तहसीलों की खतौनी और नक्शा जमा करा लिया गया है। जल्द ही हिस्सा निर्धारण करके शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसके बाद ही शासन स्तर से अगला कदम उठाया जाएगा।
राकेश कुमार पटेल, मुख्य राजस्व अधिकारीI