अमृतफल आंवला को आखिर कैसे पहचान मिले। बैंक ऋण नहीं दे रहे हैं, पांच लाख से ऊपर का ऋण देने के पहले जमानत मांगते हैं और वन विभाग वन उपज के नाम पर एक प्रतिशत का टैक्स वसूल रहा है। ऐसे में व्यवसायी नए उद्योगों की स्थापना कैसे करें। गुरुवार को व्यवसाइयों की यह भड़ास उस समय निकल पड़ी जब हादीहाल में आयोजित उद्यम समागम कार्यक्रम में शामिल होने विधायक पहुंच गए। उन्होंने डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर व्यापारियों को शांत कराया।
शहर के हादीहाल में गुरुवार को दो दिवसीय उद्यम समागम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें शहर के उद्यमियों के साथ ही कई विभागों के अफसर भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक राजकुमार पाल के पहुंचते ही उद्यमियों ने अपनी शिकायत दर्ज कराना प्रारंभ कर दिया। एक जनपद, एक उत्पाद कार्यक्रम के लाभार्थियों ने कहा कि व्यापारियों की समस्या सुनने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है। बैंक ऋण नहीं दे रहे हैं, कदम-कदम पर व्यापारियों का शोषण हो रहा है।
ऐसे में जिले में उद्योगों की स्थापना करना संभव नहीं है। पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह, विधायक सदर राजकुमार पाल ने वन उपज के रूप में एक प्रतिशत की वसूली के लिए डीएफओ को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत करने को कहा है। दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन विधायकों ने खादी ग्रामोद्योग, श्रम प्रवर्तन विभाग, नेडा, कौशल विकास, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लिए स्वीकृत ऋण का चेक वितरित किया गया।
इसके पूर्व खादी एवं ग्रामोद्योग अधिकारी वीके श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया और जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त दिनेश चौरसिया ने आभार ज्ञापित किया। इस मौके पर रोशनलाल उमरवैश्य, मो. अनाम, डा. महेंद्र सिंह, विजय प्रताप सिंह, आरएन सिंह, शिव कुमार त्रिपाठी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
हादीहाल में उद्यम समागम एवं ओडीओपी खाद्य संस्करण प्रदर्शनी का निरीक्षण करते पूर्व विधायक हरिप्?- फोटो : PRATAPGARH