सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार सिंह की कोर्ट ने दहेज हत्या की आरोपी नगर कोतवाली इलाके के रम्मन का पुरवा गांव की नोहरा व आत्महत्या को उकसाने के आरोपी पट्टी इलाके के कंसा पट्टी गांव के कांशीराम की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट में जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से पैरवी करते हुए डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा व एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि दहेज हत्या के मामले में वादी के अनुसार, उसकी बहन आरती की शादी 27 जून 2020 को आरोपी के बेटे अश्वनी के साथ हुई थी।
दहेज को लेकर सास, ससुर सहित ससुरालीजनों की ओर से प्रताड़ित करने की जानकारी वादी पक्ष को थी। संदिग्ध दशा मारपीट में घायल होने के बाद नौ जून 2022 को आरती की ससुराल में ही मौत हो गई थी। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान डीजीसी व एडीजीसी ने बताया कि वादी के अनुसार, आरोपी कांशीराम के साथ उसकी बहन शीला की शादी हुई थी। दहेज को लेकर मारपीट की जानकारी पर पहले भी पट्टी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
11 फरवरी 2019 को ससुराल में संदिग्ध दशा में शीला आग से जलकर मृत मिली थी। कोर्ट ने डीजीसी व एडीजीसी की दलीलों को सुनकर आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया।