शहर के जाम में फंसने से भले ही लोगों की जान चली जाए, लेकिन इसका असर सड़क व पटरियों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर नहीं पड़ता दिख रहा है। एक ओर अधिकारी अतिक्रमण हटा रहे हैं तो पीछे से दुकानदार फिर अपनी दुकानों का सामान सड़कों तक सजाने लगे हैं। शहर में अतिक्रमण लाइलाज बीमारी बनती जा रही है। डीएम के आदेश के बाद शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गठित हुई। एसडीएम सदर की अगुवाई मेें अभी भी अतिक्रमण अभियान चल रहा है। पंजाबी मार्केट, फल मंडी, सब्जी मंडी व राजापाल तिराहे से लेकर चौक घंटाघर तक अतिक्रमण हटाया जा चुका है। अतिक्रमण हटाने के बाद मार्केट के दुकानदार फिर मनमानी पर उतर आए हैं। वे अपनी दुकान का सामान पटरी तो दूर सड़क तक सजाकर बैठ गए हैं। फिर से चौक घंटाघर, पंजाबी मार्केट, फलमंडी के साथ ही जिला अस्पताल के इर्द गिर्द दुकानदार अपने फायदे के लिए अतिक्रमण करने से बाज नहीं आ रहे हैं। तमाम हिदायत के बाद भी ठेला वाले भी इस समस्या को लगातार बढ़ाते चले आ रहे हैं। अब देखना यह है कि ऐसा करने वाले दुकानदारों के खिनाफ जिला प्रशासन किस तरह की सख्ती करता है।