जमीन के विवाद में मारे गए सेवानिवृत्त रेलकर्मी राम प्यारे शव शुक्रवार की रात प्रयागराज से घर पहुंचा तो परिजन आक्रोशित हो उठे। तनाव को देखते हुए मौके पर दो थानों की फोर्स मुस्तैद रही। पुलिस ने भूमि विवाद एक सप्ताह के भीतर सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। महिला आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
नगर पंचायत कोहड़ौर के अंसारी गली निवासी सेवानिवृत्त रेलकर्मी राम प्यारे का अपने चचेरे भाई सुनील समेत अन्य लोगों से पांच बीघे जमीन को लेकर वर्ष 1995 से विवाद चला आ रहा था। विवादित भूमि में तालाब, बंजर जमीन के साथ ही लोगों के मकान भी बने हैं। बृहस्पतिवार को पड़ोसियों ने सब्बल व लाठी डंडे से प्रहार कर राम प्यारे व उसके बेटे को अधमरा कर दिया। उपचार के दौरान प्रयागराज में राम प्यारे की मौत हो गई।
शव घर पहुंचते ही रोने-बिलखने के साथ परिजन आक्रोशित भी हो उठे। वे एसडीएम पट्टी को मौके पर बुलाकर विवादित जमीन का निस्तारण, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस, आर्थिक मदद की मांग करने लगे। कोहड़ौर व कंधई थानाध्यक्ष ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर विवादित जमीन की पैमाइश होगी। इसके बाद गांव में ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। घटना में नामजद महिला आरोपी कलावती को पुलिस ने शनिवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। अभी चार आरोपी फरार हैं।