प्रतापगढ़। अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज के मामले में तत्कालीन एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सुरेश चंद्र रावत और दो चौकी प्रभारियों को सीजेएम कोर्ट ने तलब किया है। अधिवक्ता के वाद की सुनवाई करते हुए सीजेएम ने सभी को 16 फरवरी को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश जारी किया है।
अधिवक्ता विद्याभानु सिंह और इंद्राकर मिश्रा ने सीजेएम कोर्ट में परिवाद दाखिल कर कहा है कि 21 मई को दीवानी परिसर स्थित द डिस्ट्रिक बार एसोसिएशन कार्यालय में पुलिस कर्मियों ने घुसकर अधिवक्ताओं की बेदर्दी से पिटाई की थी। पुलिस की पिटाई में रामचंद्र यादव, अनिल यादव सहित आधा दर्जन अधिवक्ता लहूलुहान हो गए थे। गवाहों के बयान के बाद सीजेएम ने तत्कालीन एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सिटी सुरेश चंद्र रावत, उपनिरीक्षक अजीत शुक्ला और आलोक सिंह को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 325, 379, 427, 452, 504, 506 के तहत कोर्ट में 16 फरवरी को तलब होने का आदेश जारी किया है।
जूनियर बार एसोसिएशन के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक पांडेय ने सीजेएम के आदेश को अधिवक्ताओं की बड़ी जीत बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस निरंकुशता का परिचय दिया था, उसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा। सीजेएम के आदेश ने यह साबित कर दिया कि वकीलों को न्याय जरूर मिलेगा। उधर, एसोसिएशन की एक बैठक मौजूदा अध्यक्ष भूपेंद्र नाथ शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। इसमें भी सीजेएम के आदेश पर हर्ष व्यक्त किया गया। वकीलों ने कहा कि इससे निरंकुश और तानाशाह प्रवृत्ति वाले पुलिसकर्मियों पर अंकुश लगेगा। संचालन महामंत्री दिनेश पांडेय ने किया। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष गया प्रसाद मौर्य, नीरज ओझा, विनोद चंद्र त्रिपाठी, रानू सिंह, इंद्रमणि, राहुल, मनोज, संतोष पांडेय, केके शुक्ला, संतोष त्रिपाठी, हरिओम पांडेय, विनय मिश्रा, मकरंद शुक्ला, इंद्राकर मिश्र सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।