राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय का कायाकल्प करने की तैयारी में समाज कल्याण विभाग ने पहल शुरू कर दी है। निदेशालय को 355.64 लाख बजट का प्रस्ताव भेजा गया है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सिडको कार्यदायी संस्था को दी गई है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद समाज कल्याण विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है।
विद्यालय का छात्रावास कई सालों से जर्जर हो चुका है। बदहाल आवास में विद्यार्थी रहने को मजबूर हैं। दीवारें भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। 14 दिसंबर 2008 में विद्यालय की स्थापना की गई थी। स्थापना के बाद से ही बदहाल राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। चहारदीवारी भी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है। विद्यालय में समस्याओं की पड़ताल करते हुए खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। खबर का संज्ञान लेने के बाद समाज कल्याण विभाग ने मरम्मतीकरण के लिए प्रस्ताव निदेशालय को भेजा है। निर्माण कार्य के लिए 355.64 लाख बजट की मांग निदेशालय से की गई। कार्यदायी संस्था सिडको को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी दी गई है। छात्रावास भवन और चहारदीवारी के मरम्मतीकरण का कार्य प्रमुखता से किया जाना है। मरम्मतीकरण के साथ ही भवन की रंगाई पोताई का कार्य भी किया जाएगा। इसके अलावा विद्यालय की अन्य समस्याओं का भी निराकरण किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र मौर्य ने बताया कि विद्यालय के छात्रावास भवन और चहारदीवारी के मरम्मतीकरण व सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है।