पुलिस लाइन में आयोजित आशा सम्मेलन में स्वागत गीत प्रस्तुत करतीं महिलाएं।
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डीएम मार्कण्डेय शाही ने कहा है कि आशा बहुएं स्वास्थ्य की पहली सीढ़ी है। गांव में सक्रिय स्वास्थ्यकर्मी के रूप में भूमिका निभाने वाली आशा बहुओं से विभाग को बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने मातृत्व स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, बाल स्वास्थ्य, टीकाकरण में मिल रही सफलता के लिए आशाओं का व्यापक सहयोग मिलने की बात कही।
रविवार को शहर के पुलिस लाइन में आशा दिवस को आशा सम्मेलन के रूप में मनाया गया। जिले के 17 विकास खंडों से आई आशा बहुओं में ब्लाक स्तर पर सराहनीय कार्य करने वाली आशाओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने पर पांच, दो हजार और एक हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने आशा बहुओं के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम 23 अगस्त को होना था, मगर अपरिहार्य कारणों से ऐन वक्त पर निरस्त करना पड़ा था।
कहा कि यह कार्यक्रम आशा बहुओं का हौसला बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने यात्रा भत्ता की रकम खाते में भेजने को कहा। जिले भर से बड़ी संख्या में आई आशा बहुओं ने नशामुक्ति और जनसंख्या वृद्धि पर प्रस्तुत कठपुतली नृत्य देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाई। इस मौके पर डॉ. एससीएल द्विवेदी, डा. शाहिदा, अनुज श्रीवास्तव, अनिल श्रीवास्तव, राजशेखर, अनूप अनुपम प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पुलिस लाइन में आयोजित आशा सम्मेलन में जुटी आशा बहुएं।- फोटो : PRATAPGARH