उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के जिले से लौटने के 24 घंटे के भीतर ही राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय की व्यवस्थाएं जस की तस हो गईं। सोमवार को उपमुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान व्हीलचेयर व स्ट्रेचर लेकर खड़े वार्डब्वॉय व कर्मचारी मंगलवार को गायब हो गए। ऐसे में तीमारदार मरीजों को कंधे व गोद में उठाकर उपचार के लिए ओपीडी व पैथालॉजी की दौड़़ लगाते रहे।
परिसर से व्हीलचेयर तक गायब थी। दिलीपपुर का नूर मोहम्मद अपने बेटे और किठावर की शिवकुमारी का बेटा उसे गोद में लेकर ओपीडी व वार्ड का चक्कर लगाता रहा। इसी तरह अन्य तीमारदार भी अपने मरीजों को लेकर परेशान रहे।
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में उपमुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पहले से मरीजों के बेड का चादर बदल दिया गया था। लेकिन, मंगलवार को मरीजों के बेड की चादर नहीं बदली गई।