बाल वाटिका के विद्यार्थियों को निपुण बनाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग उठाएगा। परिषदीय स्कूलों में चल रहीं बाल वाटिकाओं का अकादमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी), स्टेट रिसोर्स ग्रुप (एसआरजी) और डायट के परामर्शदाता पर्यवेक्षण करेंगे। साथ ही शैक्षिक सहयोग भी करेंगे। इससे बच्चों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा। शुरुआती शिक्षा अच्छी मिलने से बच्चे निपुण होंगे।
अभी तक एआरपी परिषदीय विद्यालयों में जाकर शिक्षकों की मदद करते थे। अब वह बाल वाटिकाओं का भी सहयोगात्मक पर्यवेक्षण कर शैक्षिक सहयोग करेंगे। परिषदीय स्कूलों में जहां आंगनबाड़ी केंद्र या बाल वाटिकाएं चल रही हैं, वहां पर एआरपी और अन्य शैक्षिक पर्यवेक्षक नियमित रूप से जाएंगे। वहां की शैक्षिक गतिविधियों को देखेंगे।
बीएसए भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बाल वाटिकाओं में बच्चों को बेहतर शिक्षा और माहौल मिल सके, इसका प्रयास किया जा रहा है। बच्चों को निपुण बनाने के लिए एआरपी, एसआरजी व डायट मेंटर को जिम्मेदारी दी गई है।