कुंडा सभागार में आयोजित समाधान दिवस के दौरान हंगामा करते अधिवक्ता।
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एसडीएम की कार्यशैली से नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को तहसील में जमकर हंगामा किया। सुबह फरियादी तहसील दिवस में पहुंचे, लेकिन अधिवक्ताओं के हंगामे के चलते घंटों सुनवाई नहीं हो सकी। हालांकि बाद में काफी देर बातचीत के बाद अधिवक्ता शांत हुए तो तहसील दिवस की शुरुआत हो पाई।
बाघराय के तिवारी महमदपुर गांव के अधिवक्ता रमाकांत तिवारी अपने मकान का निर्माण करा रहे थे। इसे बाघराय पुलिस ने यह कहते हुए रोकवा दिया कि एसडीएम का आदेश है कि जब तक वो जांच नही कर लेते काम नहीं होगा। उधर, काम बंद कराकर एसडीएम जांच को भी नहीं पहुंचे। इसकी जानकारी रमाकांत तिवारी ने अधिवक्तओं को दी तो उनमें आक्रोश फैल गया।
मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील दिवस का बहिष्कार करते हुए एसडीएम को घेराव किया और हंगामा करना शुरू कर दिया। जमकर नारेबाजी की। आक्रोशित अधिवक्ताओं का आरोप था कि एसडीएम कुंडा पैसे लेकर मनमाना काम करवाते हैं। इस दौरान दो घंटे तहसील दिवस ठप रहा।
एहतियातन भारी पुलिस फोर्स मौजूद रही। बाद में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने एसडीएम से बात की और फिर जांच करने की बात पर सभी मान गए। इसके बाद तहसील दिवस में शिकायतों की सुनवाई शुरू हुई।
तहसील दिवस के दौरान बालयोगी ने भी किया हंगामा
तहसील दिवस में महात्मा बाल योगी ने भी जमकर हंगामा मचाया। उनका कहना था कि 46 माह से उनकी पुत्री गायब है। उसका पता पुलिस अब तक नहीं लगा सकी। उनका कहना था कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। इसके चलते उनकी बेटी का पता नहीं लगा रही है।
सीओ ने उनका प्रार्थना पत्र लेकर उन्हें जल्द ही कार्रवाई का आश्वासन दिया। तहसील दिवस में आई शिकायतों की सुनवाई के बाद उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों को जांच के लिए दे दिया गया। कुल 194 में से छह शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया।