बेकाबू कार की टक्कर से हुई तीन लोगों की मौत के मामले में ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मानिकपुर थाना क्षेत्र के मिरगढ़वा चौराहे के पास लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क को शव पर रखकर जाम लगाने की सूचना पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई।
बेकाबू कार की टक्कर से हुई तीन लोगों की मौत के मामले में ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। मानिकपुर थाना क्षेत्र के मिरगढ़वा चौराहे के पास लखनऊ-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क को शव पर रखकर जाम लगाने की सूचना पर पहुंची पुलिस से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। मंगलवार रात को अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़े छह लोगों को रौंद दिया था।
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हादसे में झन्ने सरोज समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। घायल तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। मृतक झन्ने के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है। सीओ कुंडा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
आक्रोशित परिजन 50 लाख रुपये और एक बीघे जमीन की मांग पर अड़े हैं। पुलिस ने काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन मानने के लिए तैयार नहीं हुए। झन्ने सरोज के परिजन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ शव लेकर सड़क पर बैठ गए। प्रतापगढ़-लखनऊ मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है। सूचना पाकर एसडीएम वाचस्पति और सीओ कुंडा के साथ रघुराज प्रताप सिंह के बेटे बृजराज सिंह मौके पर पहुंच गए।
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सभी के आश्वासन के बाद परिजन शव उठाने के लिए तैयार हो गए। साथ ही बृजराज सिंह ने शोकाकुल परिवार को 30 हजार रुपया अंतिम संस्कार के लिए दिया। इसके बाद 11:17 बजे परिजन शव को राजघाट गंगा तट की ओर अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए। यहां कड़ी सुरक्षा के बीच शव का अंतिम संस्कार किया गया।