मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय का घेराव किया। कार्यकत्रियों ने चेताया कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है, तब तक आन्दोलन जारी रहेगा।
कचहरी में 25 दिनों से प्रदर्शन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को सीडीपीओ कार्यालय संडवा चंद्रिका में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। प्रदेश और केंद्र सरकार के विरोध में
नारेबाजी करने वाली कार्यकत्रियों ने आरोप लगाया कि शिक्षामित्रों को समायोजित करके अध्यापक बना दिया गया, मगर आंगनबाड़ियों के मानदेय में कोई इजाफा नहीं किया गया है। कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि जनगणना, पल्सपोलियो और बीएलओ का कार्य कार्यकत्रियों से कराया जा रहा है, और मानदेय के नाम पर छला जा रहा है। इस मौके पर प्रकाशवती सिंह, रेखा शुक्ला, गीता देवी, सीमा सिंह, शिवकुमारी, उमा देवी, ललिता देवी आदि मौजूद रही। वहीं महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे काम बंद, कलमबंद हड़ाल के 25 वें दिन कार्यत्रियों ने अनशन किया। इस मौके पर सुनीता चौरसिया ने कहा कि सरकार द्वारा गठित समिति 45 दिन में रिपोर्ट देगी तो उस पर विचार होगा। इतने में विधान सभा चुनाव आचार संहिता लग जाएगी और आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मांग धरी रह जाएगी। जबकि पंचायत रोजगार और होमगार्ड के लिए किसी प्रकार की समिति नहीं गठित की गई। तत्काल उनकी मांग को पूरा कर दिया गया। ऐसे में जो भी आंगनबाड़ी कार्मचारियों को सरकार कुछ भी देना चाहती है उसे पूरा किया जाए। इस मौके पर सुनीता, संजू तिवारी, रेनू, साधना, कमलेश देवी, मीना, मोनिका, उर्मिला पाल आदि लोग मौजूद रहे। वहीं पीएचसी कुसुआपुर में आशाओं ने कामकाज का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान सुशीला देवी, निर्मला देवी, आदि मौजूद रहीं। उधर बाघराय सीएचसी में भी आशाओं ने मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मीना सिंह, शोभा मिश्रा, मंजू श्रीवास्तव, रेखा शुक्ला आदि मौजूद रहीं। इसके अलावा कुंडा मानिकपुर, संग्रामगढ़ पीएचसी में भी आशाओं ने प्रदर्शन किया।