सूरज ढलते ही बृहस्पतिवार को पूरा शहर सतरंगी रोशनी से जगमग हो उठा। भरत चौक का नजारा था कि जैसे अवध उतर आया हो। देर शाम शहर के गोपाल मंदिर से राम दरबार की झांकी से ऐतिहासिक भरत मिलाप का आगाज हुआ। पूरा वातावरण जयश्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। इसी बीच प्रभु राम भाई भरत से गले मिले तो हर आंख नम हो गई।
भरत मिलाप की तैयारी बुधवार से ही शुरू हो गई थी। श्रीराम समिति के संरक्षक समाजसेवी रोशन लाल उमरवैश्य, अध्यक्ष संजय खंडेलवाल, संयोजक दिनेश सिंह दिन्नू व मंत्री विपिन गुप्ता की देखरेख में कार्यकर्ता तैयारी को अंतिम रूप देने में जुटे रहे।
बांस-बल्लियों के सहारे झालर लगाए जा रहे थे। निर्बाध आपूर्ति के लिए बिजली विभाग की टीम जगह-जगह तैनात रही। चौक-बजाजा रोड, श्रीराम चौराहा, घंटाघर, ठठेरी बाजार, हनुमान मंदिर की ओर आकर्षक लाइटिंग की गई थी।
प्रमुख कार्यक्रम स्थल भरत चौक को कई आकर्षक झालरों से सजाया गया था। सूरज के अस्त होते-होते पूरा शहर जगमगा उठा। रात करीब 10 बजे जय श्रीराम के जयकारों के बीच राम दरबार की झांकी निकाली गई। महाआरती के स्वर गूंजे तो शहर को कोना- कोना भगवान श्रीराम की भक्ति में डूब गया। एसपी दीपक भूकर ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी और पुलिस तैनात की गई।
मेले में भीड़ ही भीड़
रामलीला मैदान में बृहस्पतिवार की शाम पांच बजे से ही मेला देखने वाले लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। शाम छह बजे के बाद यहां दृश्य देखने लायक था। रात आठ बजे तक हर ओर भीड़ ही भीड़ थी। लोगों ने झूले का आनंद लिया। बच्चे जंपिंग प्वाइंट पर उछल लगाते दिखे। कुछ ने ट्रेन का लुत्फ उठाया।
चारों प्रमुख दल वाले रूट पर रही विशेष नजर
सदर बाजार से रामदल, कचहरी रोड से भरत दल, ठठेरी बाजार से हनुमान दल, मकंद्रूगंज से लवकुश दल का रूट निर्धारित किया गया था। इस रूट पर पुलिस टीम की विशेष नजर रही।
भरत मिलाप मेले में मकंद्रुगंज रोड पर लगाई गई रोड लाइट। संवाद
भरत मिलाप मेले में मकंद्रुगंज रोड पर लगाई गई रोड लाइट। संवाद