मांगों को लेकर एंबुलेंस सेवा को ठप करने वाले समाजवादी एंबुलेंस के 135 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। इसमें एंबुलेंस के चालक और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि इमरजेंसी सेवा में शामिल 102 और 108 एंबुलेंस सेवा को ठप किए जाने से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। समय रहते हुए उनको सेवा न मिलने से कइयों की हालत गंभीर हो गई। इसके अलावा सेवा प्रदाता कंपनी के अधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। इन सारे मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए सेवा प्रदाता जेवीके ने प्रतापगढ़ के 135 कर्मचारियों को सेवा से निकाल दिया है।
मांगों को लेेकर कुछ दिनों पहले प्रतापगढ़ के समाजवादी एंबुलेंस सेवा में तैनात स्टाफ ने हड़ताल कर दी थी। इन लोगों ने अपनी एंबुलेंस ले जाकर एटीएल के ग्राउंड पर खड़ी कर दी थी। इसकी जानकारी न तो प्रशासन के किसी अधिकारी और न ही सीएमओ को देने की जरूरत समझी गई। बता दें कि जेवीके सेवा प्रदाता फर्म ने प्रतापगढ़ में एंबुलेंस सेवा 102 और 108 में ड्राइवर और स्टाफ को रखा था। स्वास्थ्य महकमे का काम एंबुलेंस सेवा का मरीजों के हित में इस्तेमाल करना था।
सीएमओ के पास पहुंचने लगे फरियादी
सेवा से बर्खास्त कर्मचारियों की सूची जारी होने के बाद हड़कंप मच गया है। कुछ लोगों का कहना है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं थे। उसके बावजूद उनका नाम हड़तालियों के साथ निकाल दिया गया है। वे अपनी फरियाद लेकर सीएमओ के पास पहुंचे हैं। फरियादियों से सीएमओ ने पूछा जब तुम लोग वहां पर नहीं थे तो जिस एंबुलेंस पर तुम्हारी ड्यूटी थी वह वहां पर कैसे पहुंच गई। इसका जवाब स्टाफ के पास नहीं था। दरअसल, ड्राइवरों को उनके नाम से एंबुलेंस में ड्यूटी लगाई जाती है। जिन पर कार्रवाई हुई है उससे पता चलता है कि सबने हड़ताल किया था।