कुंडा। मरीजों को लाने और ले जाने वाली एंबुलेंसों की हालत खराब है। किसी भी एंबुलेंस में एसी नहीं चलता है। इसके अलावा इसमें मेडिकल किट का तो शायद ही कभी प्रयोग होता हो। यही नहीं गाड़ियों की फिटनेस भी खराब है। गेट के साथ ही पूरी गाड़ी बजती रहती है। इसके चलते मरीज परेशान होते हैं। कुंडा सीएचसी में चार एंबुलेंस हैं। इसमें से किसी में भी एसी नहीं चलता है जबकि सरकार गाड़ियों में एसी चलाने का पैसा खर्च कर रही है। जुलाई माह में कमिश्नर के निरीक्षण में भी यह बात सामने आई थी। उन्होंने गाड़ियों की चेकिंग के दौरान अधीक्षक को समय-समय पर इसकी जांच कर शासन को लिखने की बात भी कही थी। बावजूद इसके गाड़ियों में अभी तक एसी दुरुस्त नहीं हो सका है। इसके अलावा एम्बुलेंस में मौजूद मेडिकल किट भी नहीं खोली जाती।
एम्बुलेंस का पूरा काम यह है कि वह मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति का प्राथमिक उपचार मौके पर ही कर दे। बावजूद इसके मौके पर पहुंचते ही एंबुलेंस के ड्राइवर और अटेंडेंट घायल व्यक्ति को लेकर चल देते हैं। उनका प्राथमिक उपचार भी सीएचसी में ही होता है। इसके चलते मरीज को वह सुविधा नहीं मिल पाती जो उसे मिलनी चाहिए। यही नहीं गाड़ियों की हालत भी खराब हो गई है। किसी का गेट नहीं खुलता तो किसी का शीशा बंद नहीं होता है। गाड़ी में एक ही मरीज को लाने का नियम होने का फायदा ड्राइवर व अटेंडेंट उठाते हैं। कभी-कभी तो कालर आईडी देने के बाद भी वह गाड़ियों में कमी की बात कहकर मरीजों को इजाहाबाद ले जान े से मना कर देते हैं। इस बारे में सीएचसी अधीक्षक डा.दिनेश सिंह का कहना है कि सीएमओ से इस बारे में बात की गई है। वह कार्यदायी संस्था से इस बारे में लिखित जवाब मांगेंगे।