ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके शिवलिंग पर अर्पित करें जल, दूध, दही, घी, शहद
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सावन के छठे सोमवार, 21 अगस्त को नागपंचमी मनाई जाएगी। पौराणिक शिवालयों में जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों सहित शिवभक्तों की भारी भीड़ पूजन के लिए उमड़ेगी। रविवार देर शाम तक प्रशासन के साथ ही शिवालयों में तैयारियों की समीक्षा की गई। अबकी नाग पंचमी पर शिवयोग का संयोग बन रहा है, जिस पर विशेष पूजा-अर्चना का विधान है।
शहर के बलीपुर स्थित दुर्गामंदिर के मुख्य पुजारी ज्योतिषाचार्य आलोक मिश्र के अनुसार नाग पंचमी पर विशेष पूजन से कालसर्प दोष से मुक्ति मिलेगी। नाग पंचमी तिथि सोमवार, 21 अगस्त को दोपहर 12:21 बजे से प्रारंभ होकर मंगलवार, 22 अगस्त रात दो बजे तक रहेगी। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 5.33 बजे से 5.30 बजे तक रहेगा। इस दिन शिव (शिव मंत्र) योग रहेगा, जिससे रुद्राभिषेक करना मंगलकारी माना जाता है। कालसर्प दोष की शांति के लिए भी नागपंचमी का दिन सबसे उत्तम माना गया है।
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पौराणिक शिवालयों में पूजन के लिए जुटेंगे भक्त
कंधई के बाबा बेलखरनाथ धाम, जेठवारा के भयहरणनाथ धाम, हथिगवां के हौदेश्वरनाथ, लीलापुर के बालूकेश्वरनाथ धाम, सांगीपुर के घुइसरनाथधाम , बेल्हा देवी शिवधाम, सिविल लाइंस के शिव मंदिर में व्रती महिलाएं, कांवड़िये जलाभिषेक करेंगे।