आईआईटी में चयनित तरुण को रविवार को उसकी फीस के लिए ‘अमर उजाला’ की ओर से जुटाई गई सहायता राशि का अंतिम चेक दिया गया। ‘अमर उजाला’ दफ्तर में पहुंचा तरुण पूरी फीस पाकर चहक उठा। उसके साथ ही परिजनों की खुशी का भी ठिकाना नहीं रहा। ‘अमर उजाला‘ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए तरुण ने कहा, मुझे मेरी मंजिल तक पहुंचाने में ‘अमर उजाला’ ने जिस तरह से मेरी मदद की है, उसके लिए मैं और मेरा पूरा परिवार जीवन भर आभारी रहेगा। मैंने तो सोचा भी नहीं था, फीस के लिए जरूरी इतनी बड़ी राशि का इंतजाम कैसे और कहां से हो पाएगा लेकिन ‘अमर उजाला‘ ने फीस के लिए जरूरी एक लाख पांच हजार रुपये की धनराशि उपलब्ध कराकर मेरे परिवार की चिंता दूर की और मेरी राह आसान कर दी। अब मैं आईआईटी बीएचयू में आसानी से प्रवेश ले सकूंगा।
बता दें, पट्टी इलाके के विनैका गांव के चाय विक्रेता बजरंग बहादुर यादव के पुत्र तरुण को आईआईटी में 2929वीं रैंक मिली है। उसे आठ जुलाई को बीएचयू में प्रवेश लेना है। फीस के लिए उसे एक लाख पांच हजार रुपये की आवश्यकता थी जो पूरी हो गई। ‘अमर उजाला‘ से प्रेरित होकर पट्टी विधायक राम सिंह भी तरुण को आर्थिक सहयोग देने के लिए उसके गांव विनैका पहुंचे जहां उन्होंने तरुण को 25 हजार रुपये नकद दिए। तरुण की फीस को लेकर उसके माता-पिता बेहद परेशान थे। कोई इंतजाम न होता देख उनकी चिंता बढ़ने लगी थी। इसकी जानकारी होने पर ‘अमर उजाला ने तरुण की फीस जुटाने के लिए मुहिम की शुरुआत की। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की पहल के बाद पाठकों ने मुहिम को समर्थन दिया और तीन दिनों के भीतर ही यह लक्ष्य पूरा कर लिया गया।