अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रविवार को जिला अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में ‘महादानियों’ का हुजूम उमड़ पड़ा। रक्तदान करने के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। शिविर में स्वैच्छिक रक्तदान करने वालों की भीड़ सुबह से ही अस्पताल में डटी रही। संकल्प लेकर आए लोगों का उत्साह देखकर यह साबित हो गया कि नेककाम के लिए सिर्फ पहल की जरूरत है। साथ देने वाले अच्छे इंसानों की कमी बेल्हा में नहीं है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं में हर पल व्यस्त रहने वाले अधिकारियों के साथ ही समाजसेवियों ने भी इस मुहिम को बढ़-चढ़कर सहयोग दिया। सुबह आठ बजे से शुरू हुए शिविर में कुल 26 यूनिट रक्तदान हुआ।
सुबह डीएम अमृत त्रिपाठी ने फीता काटकर शिविर का शुभारंभ किया। दोपहर ढाई बजे तक 26 महादानियों ने रक्तदान किया। दर्जनों अन्य लोगों ने रक्तदान करने के लिए पंजीकरण भी कराया। ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ की इस अनूठी पहल का हिस्सा बनने के लिए महिलाओं और युवतियों में भी खासा उत्साह देखा गया। शिविर में करीब 250 लोगों का बारी-बारी से रजिस्ट्रेशन हुआ। जांच के बाद 62 लोग रक्तदान के मानक पर खरे उतरे। इनमें से एक-एक कर 26 महादानियाें का रक्त लिया गया। उमस भरी गर्मी और जला देने वाली धूप के बावजूद जिले के विभिन्न हिस्सों से लोग अपना खून देने के लिए आए।
सबसे पहले परिवार संग शिविर में पहुंचे करनपुर सिविल लाइंस के निशाकांत पांडेय व उनकी पत्नी शकुंतला पांडेय ने रक्तदान किया। इसके बाद सीएचसी रानीगंज के आनन्द कुमार सिंह, खरगीपुर लौली कोहड़ौर के विवेक तिवारी, दिनेश ज्योतिषी यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष अखिलेश शुक्ल, चौखरपूरे अंती के राजबहादुर यादव और बिजरा कोहड़ौर के भूपेन्द्र सिंह, नयामालगोदाम रोड निवासी डॉ. विकास तिवारी, पतंजली योगसमिति के दुर्गेश, नयामाल गोदाम रोड के विकास कुमार रावत, पूरेछमा कोहड़ौर के महेन्द्र कुमार विश्वकर्मा, पंजाबी मार्केट के तुषार खंडेलवाल, अमोद शुक्ल, रांकी सांगीपुर के जीतेन्द्र प्रताप सिंह ने शिविर में रक्तदान किया। शुक्लान सिटी के प्रवेश शुक्ल, ताला कंधाई शाकिर अली, दशरथपुर पट्टी के श्रवण कुमार ऊमरवैश्य, दौलतपुर कुटिलिया के विनय कुमार मिश्र एडवोकेट और डीजीसी राजस्व विवेक उपाध्याय ने भी शिविर में रजिस्ट्रेशन कराकर महादान किया। अमर उजाला फाउंडेशन के शिविर में एडीएम पुनीत शुक्ल, सीएमओ डॉ. वीके पांडेय, एसडीएम सदर जेपी मिश्र, सीएमएस डॉ. आरडी द्विवेदी के साथ राज्यपाल से पुरस्कृत समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य सहित तमाम अधिकारी व समाजसेवी घंटों डटे रहे।