मीरा भवन स्थित राजगंगा नर्सिंग होम से प्रयागराज भेजी गई एक प्रसूता को वहां के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मौत तीन-चार घंटे पहले ही हो गई थी। इस पर नाराज परिजनों ने शुक्रवार देर शाम अंतिम संस्कार करने के बाद शनिवार को कोतवाली पुलिस और सीएमओ को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
अंतू के बहोरिया निवासी अभिषेक कुमार सिंह की पत्नी पूजा सिंह (32) गर्भवती थी। 21 अक्तूबर की देर शाम उसे मीरा भवन स्थित राजगंगा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आधी रात चिकित्सकों ने ऑपरेशन किया। पूजा ने बेटी को जन्म दिया।
पूजा के ससुर ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि 25 अक्तूबर की रात पूजा को दर्द शुरू हो गया तो डॉक्टर ने बगैर देखे स्टाफ नर्स को कई इंजेक्शन लगाने काे कहा। स्टाफ नर्स ने नींद का इंजेक्शन दे दिया। पूजा सो गई। सुबह सात बजे तक वह नहीं उठी।
आरोप है कि पूजा के न जागने पर परिजन परेशान हुए तो दिखावे के लिए चिकित्सक ने आईसीयू में पहले रखा। इसके बाद अपनी एंबुलेंस में पूजा को शिफ्ट कराकर दूसरे निजी अस्पताल भेज दिया। यहां डॉक्टर ने भर्ती करने से इन्कार कर दिया।
परिजन एसआरएन लेकर गए तो वहां एंबुलेंस चालक ने मरीज को दूसरे स्ट्रेचर पर शिफ्ट कर उसे इमरजेंसी में भेज दिया और तुरंत निकल गया। चिकित्सकों ने देखते ही बताया कि मरीज की मौत तीन से चार घंटे पहले हो चुकी है। अब लाने से क्या मतलब है।
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल ने इस मामले में जांच बैठा दी है। अस्पताल संचालक सोनू ने बताया कि मरीज की हालत खराब होने पर उसे प्रयागराज रेफर किया गया था। मरीज की मौत यदि हुई होगी तो प्रयागराज में ही हुई होगी। उन्हें मौत की जानकारी नहीं है।