हजारों वर्ष पूर्व अजगरा की धरती पर यक्ष और युधिष्ठिर के बीच धर्म, समाज, जीवन और नैतिक मूल्यों पर संवाद हुआ था। उसी पौराणिक संवाद स्थल पर इस बार 17 सितंबर को अजगरा महोत्सव के दौरान द ग्रेट अजगरा डिबेट के जरिये अजगरा अष्ट ऐतिहासिक एवं पौराणिक संवाद परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय ने कहा कि अजगरा महोत्सव में द ग्रेट अजगरा डिबेट होगी। इसमें युवाओं व आमजन को समसामयिक, सामाजिक विषयों पर तार्किक संवाद करने का अवसर मिलेगा।
24 से 26 अगस्त तक ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर प्रतिभागियों का चयन होगा। इसके बाद 29 व 30 अगस्त को 17 विकासखंडों और 19 नगरीय निकायों के स्तर पर दो और तीन सितंबर को जोनल महासंवाद व पांच सितंबर को जिला स्तरीय महा संवाद होगा।
इसी दिन अंतिम आठ प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा। 15 सितंबर को तीन दिवसीय अजगरा महोत्सव का शुभारंभ होगा। 17 सितंबर को अजगरा महान संवाद का ग्रैंड फिनाले आयोजित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम एवं वार्ड स्तर पर 1,427 प्रतिनिधियों के चयन की व्यवस्था की गई है। विकासखंड एवं नगरीय निकाय स्तर पर 36 विजेता, जोनल स्तर पर 16 प्रतिभागी व अंतिम चरण में आठ प्रतिभागियों का चयन होगा।
अंतिम आठ प्रतिभागियों को अजगरा अष्ट के रूप में सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार 1,51,000 रुपये, द्वितीय पुरस्कार 1,01,000 रुपये व तृतीय पुरस्कार 75,000 रुपये निर्धारित किया गया है।
पद्मश्री पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा निर्झर प्रतापगढ़ी का नाम
जिलाधिकारी ने पौराणिक एवं ऐतिहासिक स्थल अजगरा को संरक्षित करने में निर्झर प्रतापगढ़ी के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि पद्मश्री पुरस्कार के लिए निर्झर प्रतापगढ़ी का नाम भेजा जाएगा।