अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों की दशा बदलने के लिए प्रारंभ की गई अलंकार योजना रॉस नहीं आ रही है। जिले में 78 सहायता प्राप्त कॉलेज हैं, मगर एक ने भी अभी तक अनुदान के लिए आवेदन नहीं किया है।
योजना के तहत जिले के वर्षों पुराने सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में नए भवन, विज्ञान प्रयोगशाला, बालक-बालिका शौचालय के साथ ही वाचनालय का निर्माण कराना है। शासन का जो मानक है उसके मुताबिक विद्यालय 75 वर्ष पुराना होना चाहिए। साथ ही किसी विद्यालय का भवन अगर जर्जर है, तो उसे भी योजना में शामिल किया जा सकता है।
दूसरा मानक यह है कि कॉलेज में छात्र संख्या 300 से कम नहीं होनी चाहिए। निर्धारित छात्र संख्या के अनुसार सवा करोड़ रुपये मिलने का प्रावधान निर्धारित करते हुए कहा कि लागत का 25 प्रतिशत कॉलेजों को देना होगा और 75 प्रतिशत धनराशि शासन कार्यदायी संस्थाओं को देगी। दरअसल, कॉलेजों को यह भय सता रहा है कि कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि देने के बाद कहीं निर्माण कार्य नहीं कराया तो कॉलेज के पास जो धनराशि है, वह भी चला जाएगी। ऐसे में वे आवेदन करने से कतरा रहे हैं।
अंलकार योजना के तहत अभी तक किसी भी कॉलेज ने ऑनलाइन आवेदन नहीं किया है। आवेदन करने के लिए प्रधानाचार्यों को प्रेरित किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही आवेदन आएंगे। I
एसपी द्विवेदी, एडीआईओएसI