अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस ने एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक का सहारा लिया है। एआई आधारित यक्ष एप को प्रभावी रूप से लागू करने के उद्देश्य से हल्का प्रभारी, चौकी प्रभारी संग बीट के सिपाहियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी को अपनी-अपनी बीट में आने वाले शहर से लेकर गांवों तक की जियो टैगिंग करनी है ताकि अपराधियों का सटीक सत्यापन हो सके।
पुलिस विभाग यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों पर नजर रखेगी। उसका डाटा एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रहेगा। यक्ष एप के जरिये प्रदेश के सभी थानों के अपराधियों का डाटा आपस में जोड़ा जाएगा। इसमें अपराधी से संबंधित हर विवरण शामिल रहेगा। एप में एआई पावर्ड वॉइस रिकग्निशन, फेस रिकग्निशन, गैंग लिंक एनालिसिस, लोकेशन शिफ्ट अलर्ट, वॉइस डाटा और क्राइम जीपीटी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। जिले की एक नगर पालिका, 18 नगर पंचायत व 1148 ग्राम पंचायतों में यक्ष एप पर अपराधियों का डाटा और लोकेशन एकत्र किया जा रहा है।
वर्जन:-
आधुनिक तकनीकों के जरिये किसी भी अपराध में संलिप्त अपराधियों की पहचान और ट्रैकिंग पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी। इसके लिए जनपद के सर्किल ऑफिसर व थानाध्यक्षों को टास्क दिया गया है। - दीपक भूकर, एसपी