धान की नर्सरी डालने को आतुर किसान नकली धानों के बीजों के फेर में पिस रहे हैं। धान की नर्सरी खेतों में आधी अधूरी ही अंकुरित होने से किसान माथा पीट रहे हैं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। कई किसान दुकानदारों के इस खेल में पिस रहे हैं। किसानों की मानें तो उन्होंने प्राइवेट दुकानों से धान के महंगे बीज लेकर नर्सरी डाल दी। लेकिन धान की नर्सरी उग रही है तो आधी अधूरी। जब इसकी शिकायत दुकानदार से की जाती है तो दुकानदार धान के बीज को अव्वल बताकर उलटे किसान पर ही बरस रहे हैं।
महंगे धान के बीज खरीदने में वे धन के नुकसान की भरपाई कहां से करें। दूसरी नर्सरी उगने में देरी से धान की फसल लगाने में भी विलंब होगा। क्षेत्र के लच्छीपुर, रानीगंज, जामताली, दुर्गागंज, रामापुर, बीरापुर, गीतानगर, फतनपुर, सुवंसा, सुल्तानपुर, कनेवरा सहित इलाकों में कतिपय दुकानें बिना पंजीकरण के फलफूल रही हैं। यहां तक कि किसानों को बीज भी बिना रसीद के दिए जा रहे हैं। जिससे किसान शिकायत भी लेकर जाएं तो कैसे। उनके पास दुकान से बीज खरीदने का कोई प्रमाण ही नहीं है। बीज के दुकानों पर हो रही कालाबाजारी से बेचारे अन्नदाताओं का शोषण हो रहा है। जांच पड़ताल के बजाय विभागीय अफसर भी चुप्पी साधे बैठे हैं। जिससे किसान कदम कदम पर छले जा रहे हैं।